चंडीगढ़ में बढ़ रहे अपराध, जनसंख्या और बुडै़ल की मॉडल जेल में कैदियों को रखने की क्षमता देखते हुए जेल नंबर-2 बनाई जाएगी। इसकी दोमंजिला इमारत होगी। यह जेल विदेश की तर्ज पर बनाई जाएगी। देश की यह सबसे मॉडर्न जेल बनकर तैयार होगी। इसमें 850 कैदियों को रखने की क्षमता होगी जबकि जेल नंबर-1 में 1120 कैदियों के रखने की क्षमता और 17 बैरक बनी हैं।
जेल नंबर-2 को बनाने के लिए जेल प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके निर्माण कार्य के लिए जेल का नक्शा भी तैयार किया जा चुका है। जेल नंबर-2 में बैरकें छोटी बनाई जाएंगी। इसमें 20 कैदियों को एक बैरक में रखा जाएगा। बुड़ैल जेल में खेतीबाड़ी वाली जगह पर जेल नंबर-2 बनाई जाएगी। सूत्रों ने बताया कि जुलाई महीने तक नींव पत्थर रख दिया जाएगा और साल के आखिरी तक जेल नंबर-2 का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
हाई सिक्योरिटी टॉवर होगा, बैरकें भी होंगी हाई सिक्योरिटी
जेल नंबर-2 में चार से पांच मंजिला के स्तर पर हाई सिक्योरिटी टॉवर लगेगा। इस टॉवर में दफ्तर और लांड्री बनाई जाएंगी। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर टॉवर से पूरी जेल पर नजर रखी जाएगी। जेल में एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। बैरक भी हाई सिक्योरिटी होगी जबकि जेल नंबर एक में पानी की टंकी को ही टॉवर बनाया गया है।
मॉडर्न मुलाकात कैबिन और वीडियो कांफ्रेंसिंग कमरे बनेंगे
जेल में विदेश की तर्ज पर मॉडर्न मुलाकात कैबिन और वीडियो कांफ्रेंसिंग कमरा बनेगा। मॉडर्न जेल में क्लास रूम होंगे। पढ़ने के लिए जेल में ब्लैक बोर्ड होंगे और कैदी डिग्री भी जेल से कर सकेंगे। हालांकि जेल नंबर-1 में भी मॉर्डन मुलाकात कमरे बना दिए गए हैं।
वॉर्डर से लेकर जेल सुपरिंटेंडेंट के लिए निकलेंगी नौकरियां
जेल अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होते ही जेल प्रशासन नौकरियां भी निकालेगा। इसमें जेल वार्डर, हेड वॉर्डर, सहायक जेल सुपरिंटेंडेंट, जेल सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और सुपरिंटेंडेंट व अन्य नौकरियां निकाली जाएंगी।
इसलिए लिया जेल नंबर-2 बनाने का फैसला
जेल अधिकारी ने बताया जेल में कैदियों को रखने की क्षमता दो से तीन साल में खत्म हो जाएगी। चूंकि अपराध और जनसंख्या बढ़ रही है जबकि इसके बाद कैदियों को रखने के लिए मुश्किल हो जाएगी। इसलिए जेल नंबर- 2 बनाने की तैयारी की जा रही है। जेल नंबर-2 का नक्शा चीफ आर्किटेक्ट दफ्तर की ओर से बनकर तैयार हो गया है।
बुडै़ल जेल में कैदियों की क्षमता को देखते हुए जेल में एक और इमारत बनाई जाएगी। इसमें करीब 850 कैदी रखे जा सकेंगे जबकि वर्तमान में 1120 कैदी रखने की क्षमता है। नक्शा बन चुका है। - दीपक पुरोहित, आईजी जेल