यदि आप बिना अनुमति कर्फ्यू के दौरान लोगों को खाना या राशन वितरित कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। ऐसा करना आपको महंगा पड़ सकता है और आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है। जन सेवा करने से पहले आपको उपायुक्त चंडीगढ़ मनदीप सिंह बराड़ की अनुमति लेनी होगी। यूटी प्रशासन ने यह आदेश जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि जन सेवा के लिए डीसी से संपर्क कर परमीशन ले सकते हैं।
शहरवासी व अन्य संगठन कर्फ्यू में अगर बेसहारों की मदद करने के लिए डिप्टी कमिश्नर मंदीप सिंह बराड़ से संपर्क करना आवश्यक कर दिया गया है। इस संबंध में यूटी प्रशासन की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा सलाहकार मनोज परिदा ने भी संबंध में लोगों को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी लोग राशन, पैक किया हुआ खाना और फंड से लोगों की सहायता करना चाहते हैं वह डीसी से इस संबंध में संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने साफ किया है कि कर्फ्यू के दौरान किसी अकेले व्यक्ति को ऐसा करने की अनुमति नहीं होगी। इसके इलावा प्रशासन उन वालंटियर्स की मास्टर लिस्ट तैयार करवा रहा है, जिन्हें जरूरत के समय सहायता के लिए बुलाया जा सकेगा। डिप्टी कमिश्नर यूटी ने ये लिस्ट तैयार करने के निर्देश जारी किए हुए हैं और पीसीएस सौरभ कुमार अरोड़ा को ऐसे संगठनों की लिस्ट तैयार करने के लिए नोडल ऑफिसर तैनात किया गया है।
कोई भी एनजीओ इसके लिए इच्छुक है तो वह उनसे संपर्क व अपने आप को रजिस्टर कर सकती हैं। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन ने साफ किया है कि वह किसी तरह का क्राउड नहीं करना चाहते है, क्योंकि उनके पास किसी भी पर्पज के लिए तैनात करने के लिए पूरे ह्यूमन रिसोर्स हैं। रजिस्टर करने के बाद सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही एनजीओ से प्रशासन द्वारा सम्पर्क किया जा रहा है।