एक रुपये की लीज पर दी जाएंगी विभाग की संपत्तियां
प्रशासन द्वारा जिस भी कंपनी को नियुक्त किया जाएगा, उसके पास शहर में बिजली वितरण और रिटेल सप्लाई की जिम्मेदारी होगी। प्रशासन द्वारा कंपनी को एक रुपये की लीज पर विभाग की संपत्तियां दी जाएंगी। गौरतलब है कि चंडीगढ़ के बिजली विभाग में फिलहाल करीब 800 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ ही काम चलाया जा रहा है।
बिजली विभाग को खरीदने की इच्छुक कंपनियां
सीईएससी लिमिटेड, टोरेंट पावर लिमिटेड, स्टेरलाइट पावर, अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड, टाटा पावर कंपनी लिमिटेड, जीएमआर जेनरेशन एसेट लिमिटेड, इंडिया पावर कारपोरेशन लिमिटेड, डीएनएच पावर डिस्ट्रीब्यूशन कारपोरेशन लिमिटेड, एनटीपीसी इलेक्ट्रिक सप्लाई लिमिटेड (एनईएससीएल), एमएस रिन्यू पॉवर, एमएस ग्रीनको ग्रुप, नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर, पावर ग्रिड कारपोरेशन, फीडबैक एनर्जी डिस्ट्रीब्यूशन, एमबी पावर लिमिटेड, सीएलपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ईडीएफ इंडिया, एनेल ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क, मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड।
शहर के बिजली विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इच्छुक कंपनियों को आवेदन के लिए आठ फरवरी तक का समय दिया गया है। कंपनियों का अच्छा रिस्पांस देखने को मिल रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कुछ और कंपनियां भी आवेदन करेंगी। -मनोज परिदा, सलाहकार, यूटी प्रशासक