हरियाणा के मुख्य सचिव शहरी नियोजन के कायापलट का आह्वान
यातायात की बढ़ती भीड़ और प्रदूषण के मद्देनजर शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम की समीक्षा का आह्वान
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल कहा कि प्रदेश में बढ़ती अनधिकृत कॉलोनियां चुनौती हैं, इनसे निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक योजना जरूरी है। उन्होंने कहा, हालांकि कुछ मामलों में नियमितीकरण आवश्यक हो सकता है, लेकिन हमें पर्याप्त सेवा उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता देनी चाहिए और आगे अनियोजित विकास पर अंकुश लगाना चाहिए।
कौशल सोमवार को यहां केंद्रीय आवास और शहरी मामले मंत्रालय की उच्च स्तरीय समिति और हरियाणा के नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की ओर से शहरी नियोजन पर आयोजित हरियाणा कॉन्क्लेव का उद्घाटन करने के बाद नगर योजनाकारों को संबोधित कर रहे थे। शहरी विकास के लिए राज्य के दृष्टिकोण में आमूल-चूल परिवर्तन की जरूरत है। हमें शहरों में कम उपयोग वाली भूमि के पुनर्विकास, पारगमन-उन्मुखी विकास को बढ़ावा देने और स्थायी बुनियादी ढांचे का उन्नयन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही यूएलबी को आवश्यक बुनियादी ढांचे और सेवाओं का वित्त पोषण करने के लिए नये वित्त पोषण मैकेनिज्म का पता लगाना चाहिए।
कॉन्क्लेव में एचएलसी के चेयरपर्सन केशव वर्मा, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता, नीति आयोग की अर्बन डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट अंशिका गुप्ता और हरेरा के चेयरमैन अरुण गुमार सहित कई विशेषज्ञों ने अपने सुझाव एवं विचार रखे।
परिवहन पर हो पुनर्विचार
यातायात की बढ़ती भीड़ और प्रदूषण की चुनौतियों का जिक्र करते हुए, मुख्य सचिव ने शहरी परिवहन प्रणालियों की व्यापक समीक्षा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, एकीकृत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क, साइकिल और पैदल चलने को बढ़ावा देने जैसे नवीन समाधान तलाशने की जरूरत है। मुख्य सचिव ने वर्तमान ‘हरियाणा मॉडल’ की हदों का उल्लेख करते हुए इसके पुनर्मूल्यांकन का भी आह्वान किया।