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हरियाणाः राइस मिलों पर पुलिस तैनाती का मामला गर्माया, आज डिप्टी सीएम से मिलेगा मिलर एसोसिएशन

Thu, 21 Nov 2019 01:19 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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यमुनानगर राइस मिल के अंदर धान के स्टॉक की निगरानी करते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में राइस मिलरों के कारोबार पर पुलिस तैनात करने का मुद्दा गर्मा गया है। राइस मिलरों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस भी इस मामले पर खुलकर विरोध कर रही है। इसे लेकर राइस मिलर एसोसिएशन गुरुवार को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिलेगी।

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इस मामले में एसोसिएशन का कहना है कि उनके साथ गलत हो रहा है। जांच पहले भी होती रही हैं, लेकिन पुलिस आज तक तैनात नहीं हुई। वहीं सरकार इस मामले में बैकफुट पर आ सकती है क्योंकि जीटी रोड के भाजपा विधायकों ने भी सीएम मनोहर लाल से इस संबंध में विरोध जताया है।

मालूम हो कि हरियाणा में धान खरीद के नाम पर फर्जीवाड़े की आशंका है। राइस मिलरों पर यह आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी तरीके से बिलिंग की है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। कैबिनेट की बैठक में भी यह मुददे उठा था जिसमें दुष्यंत ने भी सवाल उठाए थे। इसके बाद से सरकार ने मिलों में पुलिस तैनात की है। 
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इसके अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भाजपा के दूसरे बार के विधायकों की मीटिंग भी हुई है। इसमें जीटी रोड के विधायकों ने राइस मिलरों के घर पर पुलिस तैनात करने का विरोध किया है। विधायकों ने यहां तक कहा है कि करनाल में सबसे ज्यादा धान होता है। ऐसे में सरकार को इस मामले पर मंथन करना होगा।

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पुलिस के पहरे पर भड़के व्यापारी बोले- इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

हरियाणा सरकार द्वारा गड़बड़ियों की आशंका के चलते राइस मिलों के बाहर पुलिसकर्मी तैनात करने के निर्णय से व्यापारी भड़क गए हैं। उन्होंने सरकार के इस फैसले को व्यापारियों का अपमान बताते हुए चेतावनी दी कि वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इस कदम से व्यापारियों में बड़ा भारी रोष है। अगर सरकार ने मिलों से पुलिसकर्मियों को नहीं हटाया तो प्रदेश का व्यापारी और मिलर सड़कों पर आ जाएगा।

बजरंग गर्ग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किसान की जीरी की खरीद ना करने और अपनी विफलता को छिपाने के लिए किसान व आम जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह का काम कर रही है। हरियाणा का चावल पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। विश्व में हर साल लगभग करोड़ों रुपये का चावल निर्यात होता है। इससे विदेशी पैसा भारत में आता है। यहां तक कि पिछली साल सरकार की जीरी के बदले 99.99 प्रतिशत चावल मिलरों ने सरकार को जमा करा दिया है। उसके बावजूद भी बार-बार सरकार द्वारा व्यापारियों को नाजायज तंग करना सरासर गलत है। 

उनके अनुसार प्रदेश का व्यापारी व उद्योगपति लाखों लोगों को रोजगार दे रहा है और केंद्र व प्रदेश की सरकार को हर प्रकार का टैक्स देखकर देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था जो पूरी तरह से चरमरा गई है उसको तंदुरुस्त करने में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार को व्यापारी व उद्योगपतियों को नाजायज तंग करने की बजाय उन्हें हर प्रकार की सुविधा देनी चाहिए। ताकि देश व प्रदेश में व्यापार को बढ़ावा मिल सके और लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिल सके।
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