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आपको बीमार कर सकती हैं इरेशनल FDC दवाएं, सरकार ने बैन की

Sun, 20 Mar 2016 04:04 PM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
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खांसी की दवा कोरेक्स समेत करीब 347 फिक्स डोज कांबिनेशन ड्रग्ज को प्रतिबंधित किया गया है।
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कुछ इरेशनल फिक्स डोज दवाएं आपको बीमार बना सकती हैं। ऐसी करीब 359 दवाओं पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। क्योंकि इन दवाओं का इरेशनल कंबिनेशन में होने के कारण ओवर और कम डोज आपकी लीवर और किडनी को बीमार बना सकती हैं। इसलिए सरकार ने जनहित में यह फैसला लिया है। बता दें कि विकसित देशों में काफी समय से इरेशनल फिक्स डोज कंबिनेशन की दवाओं पर प्रतिबंध है।
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सूत्रों के मुताबिक भारत में फिक्स डोज कंबिनेशन दवाओं का चलन बंद होने की बजाय दिन प्रतिदिन बढ़ता चला जा रहा था। मौजूदा केंद्र की सरकार ने फिक्स डोज कंबिनेशन से मरीजों की सेहत पर प्रतिकूल असर पडने से बचाने के लिए 359 फिक्स डोज कंबिनेशन को इरेशनल करार दिया है। एक अधिसूचना के माध्यम से सरकार ने ड्रग्स एक्ट 26ए के तहत ऐसी दवाओं के निर्माण, वितरण व विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। ये 359 फिक्स डोज कंबिनेशन के हजारों ब्रैंड विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित किए जा रहे हैं।

कैसे पड़ता हैं प्रतिकूल असर
इरेशनल फिक्स डोज पाई जाने वाली दवाओं का डोज समय अलग अलग होता है। इरेशनल फिक्स डोज कंबिनेशन में अलग अलग दवाओं की मात्रा प्रिस्क्राइब डोज से ज्यादा या कम होती है। जिससे की इकठ्ठी दी जाने वाली दवाओं से मरीज की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
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प्रतिबंधित दवाओं में ज्यादातर इन बीमारियों के दवा का कंबिनेशन
एंटीबायोटिक कंबिनेशन, डायबिटीज कंबिनेशन, एंटी एलर्जिक कंबिनेशन, कुछ खासी के सिरपर, एसिडिटी के कुछ कंबिनेशन, दर्द से संबंधित बीमरियों के कुछ कंबिनेशन शामिल हैं।

जुकाम की दवाओं में की जोड़ पैरासिटामोल का कंबिनेशन घातक
जितनी भी जुकाम की दवाएं हैं। उनमें पैरासिटामोल का कंबिनेशन होता है और मरीज को बिना जरूरत पैरासिटामोल खानी पड़ती है। ऐसे में लीवर और दिमाग की बीमारी, किडनी खराब होने का खतरा रहता है।  

उदाहरण- 1
दवा एक्लोफेनिक, पैरासीटामोल और रैबीप्राजोल फिक्स डोज कंबिनेशन हैं। इसमें रैबीप्राजोल का सिंगल साल्ट 20 एमजी का होता है। इसी दवा के कंबिनेशन में 10 एमजी रैबीप्राजोल का प्रयोग किया जाता है। फिक्स डोज कंबिनेशन की ये दवा दिन में तीन बार खानी होती है। ऐसे में देखा जाए तो रोजाना मरीज रैबीप्राजोल को डोज 20 एमजी के बजाया 30 एमजी ले रहा है। यह दवा दर्द और एसिडिटी के लिए लिया जाता है।

उदाहरण-2
लिबोसिटीजन, एमब्रोक्सिल, फिनाइल एफिन और पैरासिटामोल का फिक्स डोज कंबिनेशन मरीज को दिन में दो या तीन बार दी जाती है। यह कंबिनेशन जुकाम के लिए प्रयोग किया जाता है। वैसे सिंगल साल्ट लिबोसिटीजन का दिन में एक बार पांच एमजी लेनी होती है। ये कंबिनेशन में ढ़ाई एमजी मिलाया जाता है। अगर यह डोज दिन में तीन बार लिया गया तो साढ़े सात एमजी का डोज हुआ जो मरीज के लिए नुकसान दायक है।

केंद्र सरकार ने इरेशनल एफडीसी 359 दवाओं पर एक अधिसूचना में डग्स एक्ट 26ए के तहत जनहित में 359 दवाओं पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। सरकार का जनहित में एक अच्छा कदम उठाया है।
- नरेंद्र आहुजा विवेक, सहायक राज्य औषधी नियंत्रक हरियाणा

पिछली केंद्र सरकार इंडस्ट्री के दबाव में इरेशनल एफडीसी दवाओं पर प्रतिबंध नहीं लगा पा रही थी। वर्तमान सरकार ने जनहित में बेहतर कदम उठाया हैं। हम इसका स्वागत करते हैं। इस समय मार्केट में सरकार की ओर से प्रतिबंधित जो हजारों दवाओं के ब्रैंड उपलब्ध हैं। इनकी डिस्पोजल की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।  
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- बीबी सिंघल, पैटर्न, डिस्ट्री केमिस्ट एसोसिएशन पंचकूला
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