पूर्व विधायक राठी की हत्या के बाद झज्जर को बनाया था पुलिस कमिश्नरेट
सरकार ने जारी किए आदेश, आईपीएस मयंक मिश्रा बहादुरगढ़ के डीसीपी होंगे
चंडीगढ़। बहादुरगढ़ में इनेलो के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की हत्या के बाद हरियाणा सरकार की ओर से झज्जर को पुलिस कमिश्नरेट का दर्जा देने के बाद यहां पर पुलिस आयुक्त की तैनाती भी कर दी गई है। 2004 बैच के आईपीएस व सोनीपत के पुलिस आयुक्त बी.सतीश बालन को झज्जर का पुलिस कमिश्नर लगाया गया है। बालन के पास सोनीपत का भी चार्ज रहेगा। अभी तक सोनीपत में बतौर एसपी तैनात 2014 बैच के आईपीएस डॉ. अर्पित जैन अब झज्जर में ही डीसीपी के पद पर तैनात रहेंगे। अर्पित जैन के पास डीसीपी हेडक्वार्टर और डीसीपी क्राइम का चार्ज भी रहेगा। दो तैनातियों के अलावा सरकार ने झज्जर के अंतर्गत आने वाले सबसे महत्वपूर्ण शहर बहादुरगढ़ में भी डीसीपी के पद को मंजूरी दी है। ऐसे में पलवल के एसपी मयंक मिश्रा को बहादुरगढ़ में डीसीपी तैनात किया गया है। झज्जर पुलिस कमिश्नरेट में अब थाना प्रभारियों से ऊपरी पदों पर तैनात अधिकारियों के पदनाम भी बदल जाएंगे। यही नहीं अब पुलिस थानों के भी नामों और अधिकार क्षेत्रों में बदलाव किया जाएगा।
सोमवार से झज्जर में पुलिस कमिश्नरेट के रूप में काम शुरू हो जाएगा। इससे पहले एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व पंचकूला में पहले से ही पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली चल रही है। बढ़ती आपराधिक घटनाओं और झज्जर के लगातार हो रहे विस्तार के चलते लंबे समय से यहां पुलिस की कार्यप्रणाली में बदलाव की मांग चल रही थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट सत्र के दौरान बजट पास करवाते समय झज्जर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लागू करने का ऐलान किया था।