भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार आईपीएस आशीष कपूर को जमानत के लिए अभी 19 अप्रैल तक इंतजार करना होगा। खास बात यह रही कि पीड़ित महिला ने हाईकोर्ट के समक्ष अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोर्ट को पिटाई से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज भी दिखाई। पंजाब विजिलेंस ने एआईजी आशीष कपूर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
मामला 2016 का है जब वह सेंट्रल जेल अमृतसर में अधीक्षक पद पर तैनात थे। आरोप के अनुसार महिला अपनी मां, भाई और भाभी के साथ जीरकपुर के एक थाने में पुलिस रिमांड में थी। तब आशीष कपूर वहां आए और महिला की मां को आश्वासन दिया कि वह अदालत से उनकी जमानत और बरी करने की व्यवस्था करेंगे।
आशीष कपूर ने जीरकपुर के तत्कालीन एसएचओ पवन कुमार और एएसआई हरजिंदर सिंह की मिलीभगत से भाभी को निर्दोष घोषित कर दिया। आरोप के अनुसार इसके बदले उन्हें एक करोड़ की रिश्वत मिली थी। इस राशि को विभिन्न चेक के माध्यम से अलग-अलग खातों में जमा करवाया गया। इस मामले में विजिलेंस ने उनके साथ ही एसएचओ पवन और एएसआई हरजिंदर को भी गिरफ्तार किया था। इस मामले में पीड़ित महिला ने हाईकोर्ट में विवादित सीसीटीवी फुटेज को दिखाया और आशीष कपूर की जमानत का विरोध किया। सुनवाई के बाद कपूर को बिना कोई राहत दिए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।