इससे पहले पैसे के लेन-देन के मामले में सांसद पर उत्पीड़न व जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए उन्होंने हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। पिछले महीने चैतन्य अग्रवाल ने हाईकोर्ट में सुरक्षा की मांग करते हुए सांसद किरण खेर से जान को खतरा बताया था। उनके अनुसार सांसद ने आठ करोड़ निवेश के लिए दिए थे और उसने इसे बाजार में लगाया था। इससे पहले भी उसने किरण खेर को निवेश के माध्यम से अच्छा मुनाफा दिला था।
23 अगस्त को उसे यह पैसा निवेश के लिए मिला था लेकिन उसी दौरान बाजार में मंदी आ गई। इस पर किरण खेर ने उसे तुरंत पैसा लौटाने को कहा। उसने दो करोड़ रुपये वापस कर दिए और बाजार का हवाला देते हुए बाकी पैसा जमा करवाने के लिए कुछ मोहलत मांगी। इस दौरान उसे किरण खेर ने अपने घर बुलाया और उसकी तलाशी ली गई और घड़ी से लेकर मोबाइल तक अपने पास रखवा लिया गया। इस दौरान उसको खूब बेइज्जत किया गया और उसका शारीरिक उत्पीड़न भी हुआ।
इसमें किरण खेर, उनके पीए सहदेव सलारिया व अन्य लोग शामिल थे। उसके गिड़गिड़ाने पर उसे कपड़े पहनने को दिए गए। इसके बाद उसके घर से लैपटॉप व चेक मंगवाए गए। उससे 7.44 करोड़ और 5.56 करोड़ के पोस्ट डेटेड चेक लिए गए और कहा गया कि अगर दो गुना पैसा नहीं मिला तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। उस समय हाईकोर्ट ने एसपी व एसएचओ को आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता व उसके परिवार को एक सप्ताह के लिए सुरक्षा दी जाए। इसके बाद समीक्षा की जाए कि उन्हें आगे सुरक्षा की आवश्यकता है या नहीं। आवश्यकता होने पर ही सुरक्षा को आगे बढ़ाया जाए।