चंडीगढ़। पीजीआई में लगभग डेढ़ साल बाद ओपीडी सेवा पूर्ण रूप से बहाल हुई है, लेकिन मरीजों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। न्यू ओपीडी स्थित कमरा नंबर 3091 में होने वाला यूरोफ्लोमेट्री टेस्ट 19 दिनों से बंद है। मरीज पीजीआई में मात्र 150 रुपये में यह जांच कराते थे लेकिन अब उन्हें इसके लिए निजी लैब में एक हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि एक तरफ स्टाफ की कमी से कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ यूरोफ्लोमेट्री टेस्ट करने कमरे में दो नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन जांच ठप होने से वहां कोई काम ही नहीं बचा है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार, मशीन की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही मरीजों को जांच की सुविधा मिलने लगेगी।
इनसेट
यूरोफ्लोमेट्री टेस्ट से मिलती है ये जानकारी
यूरोफ्लोमेट्री एक सरल डायग्नोस्टिक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जो मूत्र प्रवाह में गड़बड़ी का पता लगाता है। यह आमतौर पर यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि सामान्य मूत्र बहिर्वाह में बाधा है या नहीं।
इनसेट
इन बीमारियों में पड़ती है इस जांच की जरूरत
- प्रोस्टेटिक हाइपरट्रॉफी
- यूरिनरी ब्लॉकेज
- न्यूरोजेनिक ब्लैडर डिसफंक्शन
- बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन
- प्रोस्टेट का कैंसर या मूत्राशय का ट्यूमर