अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी का किंगपिन अक्षय छाबड़ा का दुबई बैठा साथी सुरिंदर कालरा एनसीबी के रडार पर है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों ने आरोपी सुरिंदर कालरा के लुधियाना स्थित दुगरी अर्बन एस्टेट-2 के उसके घर पर सोमवार को छापे मारे थे। कालरा दुबई बैठकर अपने जिस नेटवर्क के जरिये पंजाब और देश में ड्रग्स तस्करी, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का रैकेट चला रहे है उसी नेटवर्क से मिली जानकारी पर मंगलवार भी कई ठिकानों पर दबिश दी गई।
एनसीबी से जुड़े सूत्रों की मानें तो ड्रग्स तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत और हवाला चलाने से जुड़े अन्य तथ्यों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) से साझा किया है। जल्द ही एनआईए और अन्य जांच एजेंसी आरोपी सुरिंदर कालरा को दुबई से इंडिया डिपोर्ट करवाने को लेकर कार्रवाई कर सकती है।
एनसीबी ने लुधियाना स्थित सुरिंदर कालरा के घर से छापे मारकर 36 लाख रुपये का सामान बरामद किया है जोकि एनडीपीएस एक्ट-1985 के दायरे में आता है। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि जब्त सामान में कुछ मादक पदार्थ भी बरामद किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है।
सुरिंदर कालरा पंजाब के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी का किंगपिन अक्षय छाबड़ा का साथी है। एनसीबी ने 15 नवंबर, 2022 को अक्षय के एक और साथी संदीप सिंह निज्जर को लुधियाना में 20.3 किलोग्राम हेरोइन के साथ दबोचा था। आरोपी संदीप सिंह निज्जर की गिरफ्तारी की भनक पाते ही आरोपी सुरिंदर कालरा देश छोड़कर दुबई निकल गया। एनसीबी और अन्य जांच एजेंसी दुबई में सुरिंदर कालरा के इनपुट तलाश रही हैं, ताकि उसे दुबई प्रशासन की मदद से इंडिया डिपोर्ट कराया जा सके।
जल्द ही सुरिंदर कालरा से जुड़े और लोगों की होगी गिरफ्तारी
एनसीबी को छाबड़ा और उसके साथ निज्जर की गिरफ्तारी के बाद से मिले इनपुट और जांच के आधार पर यह साबित हुआ है कि दुबई में बैठकर सुरिंदर कालरा भारत में ड्रग्स तस्करी, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का नैक्सेस चला रहा है। इस दिशा में एनसीबी, ईडी और एनआईए ने मिलकर जांच शुरू कर दी है। तीनों जांच एजेंसी आपस में संपर्क में हैं और इनपुट जुटाकर जल्द ही बड़ा एक्शन लेंगी। बता दें आरोपी सुरिंदर कालरा का बेटा मणि कालरा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
एनसीबी ने अक्षय छाबड़ा के ड्रग्स रैकेट का किया था भंडाफोड़
अक्षय छाबड़ा की गिरफ्तारी के बाद एनसीबी ने उसके ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। एनसीबी की जांच में सामने आया था कि किंगपिन अक्षय विदेश से जूस और सॉस की बोतल में हेरोइन और मॉर्फिन का रॉ पदार्थ मंगवाता था। इसके बाद इस रॉ पदार्थ को वह लुधियाना के मानकवाल और बाबा दीप सिंह नगर में दो लैब में प्रोसेसिंग करवा कर सिंथैटिक ड्रग्स तैयार करता था। इसे वह पंजाब और देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करता था। इस रैकेट में शामिल 16 आरोपियों को एनसीबी ने दबोचा था।