939 करोड़ खर्च करके बनाया गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट। फ्लाइट के लिए वाच आवर का ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है, फिर भी यहां से रात को विमान नहीं उड़ते। कारण ये है कि इस एयरपोर्ट पर अभी तक आईएलएस टू और थ्री को इंस्टाल नहीं किया गया है।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पांच दिन तक रात में फ्लाइट का संचालन किया गया। इसके बाद फिर से केवल 7.20 बजे तक ही विमान उड़ाए जा रहे हैं। रात के समय इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट का संचालन इसलिए नहीं हो पा रहा, क्योंकि यहां पर अभी तक व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू किए जाने के दावे भले ही किए जा रहें हों, लेकिन यहां पर अभी तक काम पूरा नहीं होने के कारण रात में फ्लाइट का संचालन संभव नहीं है।
जाट आंदोलन के कारण बीते फरवरी माह में दिल्ली के लिए विमानन कंपनियों की ओर से रात में विमान उड़ाए गए। इस दौरान यहां पर 24 घंटे के लिए वाच आवर कर दिया गया। लेकिन आईएलएस टू और थ्री इंस्टाल नहीं होने के चलते इसे फिर से बंद कर दिया गया। एयरपोर्ट पर अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है।
वाच आवर का ट्रायल सफल
बीती फरवरी में वाच आवर का ट्रायल एयरपोर्ट पर सफल रहा है। वहीं रात में एयरपोर्ट पर उतरने में या मौसम खराब होने पर आईएलएस टू और थ्री की मदद से आसानी से विमान उतारे जा सकते हैं। लेकिन अभी तक इसके काम को पूरा नहीं किया जा सका है। इसके कारण इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शाम को 7.20 बजे के बाद कोई फ्लाइट नहीं है। इससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
वाच आवर बढ़ाकर विमानों को चलाए जाने का ट्रायल पूरा किया जा चुका है। जल्द ही आईएलएस टू और थ्री को इंस्टाल किया जाएगा।
- सुनील दत्त, सीईओ, इंटरनेशनल एयरपोर्ट