चंडीगढ़। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को पत्र लिखकर नर्सों का सेंट्रल पे स्केल और सेंट्रल सर्विस रूल लागू करने के निर्देश दिए हैं। जीएमसीएच-32 नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने 26 और 28 जनवरी को पत्र लिखकर मंत्रालय से गुहार लगाई थी। उसी के जवाब में यह आदेश जारी हुए हैं।
मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से प्रशासन को इस मुद्दे पर विचार कर आगामी कार्यवाही करने को कहा है। एसोसिएशन की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया था कि यूटी चंडीगढ़ की नर्सेज 1992 की नोटिफिकेशन के कारण पंजाब सिविल सर्विसेज रूल्स एवं पंजाब पे स्केल की वजह से सर्विस मामलों में वर्षों से अनेक समस्याओं से जूझ रही हैं। नर्सेज ने कोरोना काल में कोरोना योद्धा के रूप में काम किया। अपनी जान की परवाह न करके लोगों की सेवा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके योगदान की सराहना की थी। वहीं यूटी चंडीगढ़ की नर्सेज दूसरे सेंट्रल गवर्नमेंट या यूटी इंस्टीट्यूट की तुलना में हर महीने लगभग 30 हजार रुपये वेतन के नुकसान पर काम कर रहीं हैं। नई ज्वाइनिंग पर नर्सेज को 3 साल तक 29 हजार 200 रुपये पर रखना भी नाइंसाफी है, जबकि देश के अन्य यूटी हॉस्पिटल एवं सेंट्रल गवर्नमेंट हॉस्पिटल में नर्सों को 80 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक के वेतन पर काम कर रहीं हैं। इस संबंध में नर्सेज यूनियन जीएमसीएच-32 के अध्यक्ष डबकेश कुमार एवं जीएमएसएच-16 नर्सेज यूनियन की प्रधान परमिंदर जीत कौर ठिंड ने अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष भी उठाया था।