सेक्टर 22 डी की मार्केट में हुए अवैध कब्जे
पार्किंग की जमीन पर चल रहीं दुकानें, बरामदे से लेकर बाकी जगहों पर अवैध दुकानों की भरमार
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। नगर निगम के तमाम दावों के बाद भी सेक्टर-22 की मार्केट में अवैध वेंडरों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। यहां अभी भी इंस्पेक्टर राज की झलक साफ दिख रही है। पिछले दिनों नगर निगम में कार्यरत कर्मचारी विकास ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि नगर निगम के इंस्पेक्टर बाजारों में कर्मचारियों के जरिये अवैध वैडरों से वसूली करवाते हैं। इस मामले में काफी विवाद हुआ। यहां तक कि प्रवर्तन विंग में लगे सात इंस्पेक्टरों को हटा दिया गया। इसके बावजूद ऐसे हालात बने हुए हैं। पार्किंग से लेकर गलियारे तक में अवैध वेंडरों का कब्जा है। सुबह 10 से दोपहर तक ये दुकानें खुलेआम सजी रहती हैं। उसके बाद खानापूर्ति के लिए नगर निगम की टीम दोपहर दो बजे के बाद आती है। हालांकि तब तक इनका कारोबार हो चुका होता है।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को जब जायजा लिया तो देखा कि पार्किंग से लेकर बरामदों तक अवैध वेंडरों ने कब्जा था। स्थानीय दुकानदारों और खरीदारों का कहना है कि वेंडरों की बढ़ती संख्या के कारण न तो ग्राहकों को पार्किंग की जगह मिल पाती है और न ही आराम से खरीदारी की जा सकती है। दुकानदार गुरुमीत ने बताया कि गलियारे तक में दुकानें चलती हैं। इस वजह से लोगों को चलने में भी परेशानी होती है। कुछ दुकानदारों ने नाम पर छापने की शर्त पर बताया कि ये लोग शिकायत के बाद लड़ने को तैयार हो जाते हैं। इसमें नगर निगम के कर्मचारी और इंस्पेक्टर के अलावा स्थानीय पुलिस भी इनको मदद करती है। शिकायत के बाद भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है।
विवाद के बाद हुआ था प्रदर्शन
पिछले दिनों अवैध वेंडरों ने बाजार में लगे कुछ गमलों को नुकसान पहुंचा दिया था। इसके बाद यहां विवाद भी हुआ जिसके बाद रात को कारोबारियों ने सड़क प्रदर्शन किया था। इसमें इलाके के पार्षद दमनप्रीत सिंह भी कारोबारियों के समर्थन में आ गए थे। करीब 3 घंटे तक विवाद चला और कारोबारियों का विरोध खत्म हुआ।
मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी हुआ है
22 अगस्त को नगर निगम वित्त और अनुबंध कमेटी की बैठक में नगर आयुक्त अमित कुमार ने खुद आदेश जारी किया था कि अवैध वेंडरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। हालांकि उसके बाद भी कुछ नहीं हो पाया है। नगर निगम बार-बार दावा करता रहा है कि शहर में अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और मार्केट को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा लेकिन जमीनी हालात कुछ और हैं।
वर्जन
अवैध वेंडरों के खिलाफ सख्ती अपनाई जा रही है। जल्द ही इसमें बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा। इसको लेकर प्लानिंग चल रही है। ड्यूटी टाइमिंग में भी बदलाव किया जाएगा। जिससे दिन के समय भी कोई अवैध वेंडर अपनी दुकानें न लगा सके।
अमित कुमार, नगर आयुक्त