प्रशासन की सलाहकार समिति में लाल डोर से बाहर बने मकानों को रेगुलर करने का मामला उठाया गया। इस पर प्रशासन शिवराज पाटिल ने कहा कि फिलहाल अभी इसे रेगुलर नहीं किया जा सकता, लेकिन यहां पर रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मालूम हो कि इस समय लाल डोरे के बाहर बने मकानों में पानी और बिजली की किल्लत है। सड़क भी नहीं बनी हुई है। लाल डोरे के मामले में अलग से एक कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही बैठक में प्रशासक ने स्पष्ट किया है कि 10 मंजिला इमारतों के निर्माण को गांव में मंजूरी नहीं दी जा सकती।
भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, भजन सिंह माडू और कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल ने मास्टर प्लान में लाल डोरे की सीमा बढ़ाने की मांग की। इन नेताओं का कहना है कि चंडीगढ़ के गांव में पंजाब एक्ट लागू होता है।
पंजाब में जिन लोगों ने लाल डोरे से बाहर घर बना रखे हैं, उन्हें नियमित किया गया है। जबकि चंडीगढ़ के गांववासियों ने जो घर लाल डोरा के बाहर बना रखे हैं, उन्हें नियमित नहीं किया गया। यहां पर भी लाल डोरे के बाहर बने मकानों को पंजाब एक्ट के तहत नियमित किया जाए।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में लाल डोरे के बाहर जो गोदाम बने हैं चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उनको सेल टैक्स नंबर देना बंद कर दिया था। इससे गोदाम के मालिक व सरकार को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सेल टैक्स नंबर देने फिर से शुरू किया जाए। मालूम हो कि प्रशासन लाल डोरे के बाहर बने मकानों को वॉयलेशन के नोटिस जारी कर चुका है।