चंडीगढ़। शहर में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही रीजनल उद्योग अनुसंधान और परीक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। केंद्र में यह परीक्षण किया जाएगा कि शहर में तैयार हो रहे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानदंडों व जरूरतों को पूरा करते हैं या नहीं। जांच के साथ यह केंद्र चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की इंडस्ट्री को तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा।
सोमवार को प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने पेक, पीयू, सीएसआईओ और आईआईटी रुड़की के अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें इस केंद्र के लिए एक नीति तय की गई। अधिकारियों का मानना है कि इससे उत्पादों की गुणवत्ता सुधरेगी और निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी। प्रशासन पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में इस केंद्र को स्थापित करने पर विचार कर रहा है। चंडीगढ़ का यह पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां पर उद्योग से जुड़े रिसर्च व प्रोडक्ट्स के गुणवत्ता जांची जाएगी।
धर्मपाल ने बताया कि वह पिछले छह महीने से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिसे लेकर ही उन्होंने सोमवार को बैठक की। बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक), सीएसआईओ और आईआईटी रोपड़ के सहयोग से ये केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए पंजाब इंजीनियरिंग कालेज (पेक) में एक जगह देखी गई है।
आइकेट मानेसर के दौरे के बाद आया था विचार : धर्मपाल
सलाहकार धर्मपाल ने द इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आइकेट) मानेसर का भी दौरा किया था, जिसके बाद ही ये केंद्र स्थापित करने पर विचार किया जा रहा था। शहर में अधिक उद्योग स्थापित करने के लिए जगह नहीं है इसलिए जितनी इकाइयां हैं, उन्हीं को तकनीकी तौर पर और मजबूत करने की योजना है। उन्होंने कहा कि शहर के उद्योगों के जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन आईटी पार्क में पहले ही स्टार्टअप के लिए को-वर्किंग स्पेस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जहां अपना बिजनेस शुरू करने के लिए एक सीट किराए पर ली जा सकती है। बाजार भाव के हिसाब से यहां किराया काफी कम है। इससे युवा यहां आसानी से अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं।