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शादियों की धूम... टेंट, कैटरर और बैंड वालों को काम मिला भरपूर

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चंडीगढ़। कोविड के सभी प्रतिबंधों के हटने के बाद पहली बार खुले रूप में शादियां हो रही हैं। दो वर्षों बाद टेंट, कैटरर और बैंड वालों के पास भरपूर काम मिला है, इससे उनके चेहरे खिल गए हैं। हालत यह है कि उनके लिए अपने ग्राहकों के लिए सामान जुटाना मुश्किल हो रहा है। टेंट और कैटरर डीलर का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में कपड़ों के दाम में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। टेंट के लिए हर वर्ष नया शामियाना खरीदना पड़ता है। इस पर बड़ी राशि खर्च होती है। पिछले दो वर्षो बढ़े खर्च और शून्य आमदनी के कारण नया सामान खरीदना बहुत ही मुश्किल काम है। डीलरों का कहना है कि एक शादी की पेमेंट आने के बाद सामान पर ही पैसे लगा दे रहे हैं। यदि कोविड नहीं हुआ तो बेहतर है और यदि चौथी लहर आ गई तो बहुत मुश्किल हो जाएगा।
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काम बहुत पर सामान जुटाने में हो रही मुश्किल
टेंट और कैटरिंग के के काफी ऑर्डर मिले हैं। हालत यह है कि कम समय में ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। कुर्सिया, पर्दा, टेबल और क्रॉकरी के सामान की बड़ी और महंगी आइटमें हैं। ग्राहम नया पर्दा और कुर्सियां चाहते हैं। हमें पूरा करना पड़ता है। महंगाई के कारण बहुत मुश्किल आ रही है।
-जसबीर सिंह बंटी, प्रधान चंडीगढ़ टेंट डीलर सोसाइटी
दो वर्षों बाद काम मिला है तो जेब खाली है
कोविड के दो वर्षों के बाद शहर में शादी खुले रूप में आयोजन से मेहमानों की संख्या बढ़ी है। टेंट और कैटरर को काम मिला है। दो वर्षों के बाद अब काम मिला है तो जेब खाली है। गोदाम का किराया के साथ साथ लेबर का खर्च और गाड़ियों की किस्ते बिना आमदनी के भरी गई है। अभी सामान जुटाना सभी टेंट के लिए चुनौती बनी हुई है।
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-कैलाश बंसल, दुर्गा टेंट एंड हाउस, लाइट एंड कैटटर
अब आमदनी का समय, चौथी लहर आ गई तो होगी मुश्किल
दो वर्षो के बाद आमदनी का समय आया है लेकिन डर भी है कि यदि चौथी लहर आई तो बहुत मुश्किल होगी। क्राकरी और टेंट के सभी सामान महंगे हो गए हैं। महंगाई बहुत बढ़ी है। उम्मीद है कि यदि चौथी लहर नहीं आई तो काफी हद तक आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। बहुत से टेंट डीलरों की आर्थिक हालत काफी खराब है।
-राजेश कुमार ओझा, पीके टेंट
शादियों में खूब बजेगा बैंड
काम मिलना शुरू हो गया है। सभी के लिए राहत की बात है। बैंड बाजा के कारोबारियों को काम मिला है। दो वर्षों में ड्रेस काफी महंगी हो गई है। पुरानी ड्रेस खराब होने की वजह से नई खरीदनी पड़ रही है। बैंड के उपकरण भी खरीदने के लिए रकम जुटानी पड़ रही है।
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-संत लाल डबला, कैपिटल बैंड और अध्यक्ष चंडीगढ़ ब्रास बैंड यूनियन
यह है शादियों के शुभ मुहूर्त
म्रई : 2, 3, 4, 9, 10, 11, 12, 16, 17, 18, 20, 21, 26, 27 और 31
जून : 1, 6, 8, 10, 11, 13, 20, 21, 23 और 24
जुलाई : 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 14, 18, 19, 20, 21, 23, 24, 25, 30 और 31
अगस्त : 1, 2, 3, 4, 5, 9, 10, 11, 14, 15, 19, 20, 21, 28, 29, 30 और 31
सितंबर : 1, 4, 5, 6, 7, 8, 26 और 27
अक्तूबर: विवाह की कोई तिथियां नहीं है।
नवंबर : विवाह की कोई मुहूर्त नहीं है।
दिसंबर : 2, 4, 7, 8, 9 और 14
नोट : जैसा कि देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और सेक्टर- 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया
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