यूक्रेन की सड़क पर खड़ीं नवनीत कौर।
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रूस व यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में वहां कई भारतीय विद्यार्थी व कामगार फंसे हैं। एटीएम, मॉल व किराना स्टोर पर लंबी कतारें लगी हैं। वहीं राजपुरा के छात्र और कामगार वहां फंसे हैं। उन्हें खाने को कुछ नहीं मिल रहा है। इस बीच भारतीयों की लगातार हो रही घर वापसी के बाद बनवाड़ी के अभिनंदन, सुंदर नगर के त्रिलोक राज, महिंद्र गंज राजपुरा पुलिस क्वार्टर की नवनीत कौर और घनौर के गांव उलाणा की जसप्रीत कौर के घरवालों की भी आस है कि राजपुरा निवासी छात्रों की वापसी भी जल्द होगी।
चारों छात्रों के परिवार परेशान हैं। सभी के घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है। वह केवल टीवी के सामने टकटकी लगाकर समाचार सुन रहे हैं, ताकि वहां से अच्छी खबर आ सके। कीव की यूरोपियन यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा अभिनंदन, ललीव में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही नवनीत कौर व खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही जसप्रीत कौर के परिजनों ने बताया कि चारों तरफ रास्ते बंद होने से वह अपने हॉस्टल से निकल नहीं पा रहे।
वहीं कांट्रैक्ट बेस पर यूक्रेन के हवीव गया राजपुरा के सुंदर नगर का निवासी त्रिलोक राज के परिवार का भी रो-रोकर बुरा हाल है। उसके दिव्यांग पिता तिलक राज दरवाजे पर बैठे हैं कि कब उनके बेटे की वापसी होगी। यूक्रेन के लवीव में पिछले छह वर्षों से एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहीं नवनीत कौर के पिता एएसआई हरभजन सिंह ने बताया कि जहां उनकी बेटी रह रही है, उस शहर में फिलहाल हमला नहीं हुआ है लेकिन बेटी की बहुत चिंता है।
श्री गुरु नानक देव जी के आगे नतमस्तक होकर बेटी की सुरक्षा की अरदास की है, ताकि वह सही सलामत घर आ सके। घनौर के गांव उलाणा की जसप्रीत कौर जो नवंबर 2021 से यूक्रेन की नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी खारकीव में शिक्षा ग्रहण कर रही है। पिता वरिन्द्रपाल सिंह ने बताया कि युद्ध के बाद से वह बेसमेंट में रह रही हैं। जिसकी बेहद चिंता है। हालांकि कई भारतीय उसके साथ हैं, उन्होंने पिछले तीन दिनों से कुछ भी नहीं खाया है। सभी युवकों व युवतियों के परिजनों ने भारत सरकार से बच्चों की घर वापसी की गुहार लगाई है।