भारत-पाकिस्तान सीमा पर केंद्रीय टीम के चेयरमैन अनिल भाम
केंद्रीय टीम भारत-पाक सीमा पर पहुंची, जहां डेरा बाबा नानक की तरफ से श्री करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जायजा लिया गया। केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई टीम करीब दो घंटे तक सीमा पर रुकी और प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक की। वहीं टीम के पहुंचने का पता लगने पर चार गांव के किसान भी वहां पहुंच गए, जिनकी जमीन सरकार ने एक्वायर करनी है।
टीम के अधिकारियों से किसानों की बातचीत न होने से किसानों में रोष नजर आया। लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन अनिल भाम केंद्रीय कमेटी की अगुवाई कर रहे थे। टीम के चेयरमैन अनिल भाम ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि कॉरिडोर निर्माण के लिए जमीन की पहचान करने के बाद अधिग्रहण किया जाएगा। कॉरिडोर निर्माण जल्द शुरू होगा और इस जल्द ही पूरा भी कर लिया जाएगा।
अनिल भाम का कहना था कि अभी निश्चित नहीं हुआ कि उनको कितनी जमीन चाहिए, इसको लेकर अभी सर्वे किया जा रहा है। जब पूछा गया कि जमीन के मूल्यों को लेकर क्षेत्र के किसान चिंतित हैं तो चेयरमैन अनिल भाम ने कहा कि किसानों को मुआवजा स्टेट गवर्नमेंट की पालिसी के मुताबिक ही मिलेगा। उन्होंने कहा का कॉरिडोर बनने से सबसे ज्यादा इन किसानों को ही फायदा होगा।
जब उनसे पूछा गया कि किसानों की मांग है कि सरकार उनकी जमीनों के तीन गुणा मूल्य ज्यादा दें तो उन्होंने जवाब में कहा कि इसके बारे में केवल राज्य सरकार ही बता सकती है। जब वह अगली बार आएंगे तो कॉरिडोर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल टीम के चेयरमैन ने कॉरिडोर का काम कब तक खत्म हो जाएगा। इस बारे में कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे
वहीं गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्ज्वल ने बताया लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ही उनको बताएगी कि उनको कितना रकबा चाहिये। इसके अलावा डीसी ने किसानों को कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। डीसी ने किसानों की बात सुनने के बाद कहा कि जिन किसानों की जमीन एक्वायर होनी है, वह उन किसानों से मीटिंग करेंगे और मीटिंग के बाद जो फैसला होगा उसके आधार पर काम किया जाएगा। इस मौके पर कस्टम के चेयरमैन दीपक गुप्ता, बीएसफ के आईजी महिपाल यादव, बीएसफ के डीआईजी राजेश शर्मा, एसडीएम डेरा बाबा नानक अशोक कुमार शर्मा, बटाला के एसएसपी उपिंदरजीत सिंह घुम्मण और डीसी गुरदासपुर विपुल उज्ज्वल उपस्थित थे।
गांव के किसानों में दिखा रोष
वहीं केंद्रीय टीम के अधिकारियों का बाहर इंतजार करते हुए किसानों ने बताया कि केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने उनसे कोई बातचीत नहीं की। उनकी मांग थी कि अधिकारी उनकी बात तो सुनते। किसानों ने कहा कि सरकार कॉरिडोर के लिए 200 फुट नई सड़क बनाने में लगी है, जिससे उनकी सारी जमीन अधिकृत हो जाएगी और वह बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर को जाते चार अन्य रास्ते हैं। सरकार उन लिंक रास्तों को 20-20 फुट चौड़ा करे न कि 200 फुट का नया रास्ता बनाए।