फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ की रील लाइफ में पाकिस्तानी मूक-बधिर ‘मुन्नी’ को तो अपनों का प्यार मिल गया। लेकिन रीयल लाइफ में हिंदुस्तान की गीता डेढ़ दशक से पाकिस्तान में अपनों का इंतजार कर रही है। फिल्म रिलीज हुई तो गीता के बारे में पता चला, लोगों में भावनाएं भी उमड़ पड़ीं।
अब मीडिया में मामला आने के बाद गीता की वतन वापसी की संभावनाएं बढ़ गई हैं। रोहतक की ‘संपा आर्या’ भी तीन साल से गीता के परिवार को ‘राजस्थान’ में ढूंढ रही हैं। अब उन्होंने गीता को खुद गोद लेने की इच्छा जाहिर की है।
2012 में कराची में हुई थी मुलाकात
दरअसल, श्रीनगर निवासी संपा आर्या की वर्ष 2012 में गीता से कराची के एक अनाथ आश्रम में मुलाकात हुई थी। तब वह पाकिस्तान के लोगों का धन्यवाद देने के लिए गई हुई थी। इन लोगों ने सऊदी अरब में फंसे उनके पति को वतन वापस लाने में काफी मदद की थी। जब वह गीता से मिली तो उसकी उम्र करीब 22 साल थी।
गीता नौ साल की उम्र में ही अनजाने में पाकिस्तान का बार्डर लांघकर वहां पहुंच गई थी। संपा ने बताया कि मूक-बधिर होने के कारण गीता अपने बारे में कुछ बता नहीं पाई। जिस तरह से फिल्म में मुन्नी ने इशारों में अपने मुल्क और रिहायशी इलाके के बारे में समझाया था, उसी तरह गीता ने भी भारत के नक्शे में राजस्थान को पहचाना था।
उसने अपने तीन भाइयों के नाम भी बताए थे। इशारों में ये भी बताया था की उसकी मां नाक में बड़ी नथ पहनती थी और दोनों हाथ बड़ी-बड़ी चूड़ियों से भरे रहते थे। वह बचपन में हमेशा घाघरा पहनती थी।