एवरेस्ट विजेता सुनीता गुर्जर का ख्वाब पूरा करने के लिए उनकी छोटी बहन रेखा ईस्ट अफ्रीका में पड़ने वाले तंजानिया देश की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजेरो (5895 फिट ऊंची चोटी) पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का झंडा फहराएगी। 12 साल पहले बैंगलोर में पढ़कर और अब वहीं नौकरी करने वाली रेखा खुद भी नारी सशक्तिकरण की मिसाल हैं।
एक एक्सीडेंट में मौत को मात देने के बाद उन्होंने खुद को काबिल बनाया और अब इस खतरनाक एडवेंचर के लिए अपनी फंडिंग पर पूरे आत्मविश्वास के साथ तैयार हैं। रेखा बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से दोहा के लिए फ्लाइट पकड़ेंगी, जहां से तंजानियां पहुंचने के बाद 8 अगस्त को किलिमंजेरो फतह करने का मिशन शुरू होगा।
देहरादून जाकर बहन से ली सलाह
‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में रेखा बताती हैं कि वह पेशेवर माउंट क्लाइंबर नहीं हैं, इसलिए पहले देहरादून जाकर बहन सुनीता से माउंट क्लाइंबिंग की सलाह ली है। इससे पहले वह महज एक बार हनुमन टिब्बा पर्वत चोटी पर बहन सुनीता के दिशा निर्देश में गई थीं।
इसके अलावा 2001 में हुए एक्सीडेंट के बाद वह छह महीने जिंदगी और मौत से संघर्ष के बाद बाहर निकलीं और खुद को मजबूत किया। हालांकि कई इंजरीज के चलते अभी भी उनका दायां पैर उतना मजबूत नहीं है। लेकिन देश का नाम दुनिया में रोशन करने के लिए वह किलिमंजेरो जरूर फतह करेंगी।