वेस्टर्न एयर कमांड के अंतर्गत स्पेशल एयर ऑपरेशन सेंटर यानी स्काई लार्ड हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में है।
उसके बाद अंबाला एयरफोर्स स्टेशन, चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन, पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन, आदमपुर एयरफ़ोर्स स्टेशन, श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन, सरसावा एयरफ़ोर्स स्टेशन, सिरसा एयरफोर्स स्टेशन, मोहनबाड़ी एयरपोर्ट स्टेशन, लेह एयरफोर्स स्टेशन, उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन, श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन, हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के साथ-साथ बरेली, आगरा और ग्वालियर एयरपोर्ट स्टेशन भी रणनीतिक दृष्टि से दुश्मनों से निपटने और सरहदों की सुरक्षा के लिए अपनी अहम भूमिका रखते हैं।
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इन एयरफ़ोर्स स्टेशनों पर अपाचे, चिनूक, मिराज-2000, सुखोई 30 एमकेआई, मिग 21 बायसन, जगुआर आईएस एंड आईबीएस, ध्रुव, एएन-32, मिग 29 यूपीजी, आईएल-76 एमडी, सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस, बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर, एएलएच एमके 111, एमआई-17 (एमआईएल), एमआई 17वी5, लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और मालवाहक जहाजों की विभिन्न स्क्वाड्रन तैनात हैं। जो दुश्मनों के दांत खट्टे करने में सक्षम भी हैं और तैयार भी।
रक्षा विशेषज्ञ ग्रुप कैप्टन सतीश भाटिया का कहना है कि चीन के साथ आज जिस तरह के हालात बने हुए हैं। उसका हल बातचीत से ही संभव हो सकता है। महामारी के दौर में भारत किसी भी प्रकार का युद्ध नहीं झेल सकता। पाकिस्तान की तरह चीन भी भरोसे लायक नहीं है। इसलिए सरकार को उस पर अब बहुत ज्यादा दबाव बनाना होगा।
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रक्षा विशेषज्ञ फ्लाइट लेफ्टिनेंट रेनू लांबा ने बताया कि इस विवाद का हल तो बातचीत से ही संभव लगता है। मगर चीन को अपनी ताकत का एहसास कराना जरूरी है। भारत सरकार को इकोनॉमिक बॉयकॉट की दिशा में भी सोचना चाहिए, ताकि चीन किसी भी तरह की गलतफहमी में न रहे।