हरियाणा लोकायुक्त कार्यालय में डेपुटेशन पाने के लिए बेदाग छवि जरूरी है। दागियों को डेपुटेशन मिलनी तो दूर उनके आवेदन भी स्वीकार नहीं होंगे। कार्यालय में लंबे समय से अनेक पद खाली चल रहे हैं, जिन्हें सरकार ने डेपुटेशन से भरने का फैसला लिया गया है। इन पदों को काफी वक्त से भरने की कवायद चल रही है।
मार्च 2020 की शुरुआत में डेपुटेशन पर पद भरने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों से आवेदन मांगे गए, 31 मार्च अर्जी देने की अंतिम तारीख थी। 24 मार्च को लॉकडाउन लागू होने पर सारी प्रक्रिया रुक गई। अब लोकायुक्त कार्यालय ने दोबारा से पुराना पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों को इच्छुक कर्मचारियों से आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं।
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डेपुटेशन पर नियुक्ति की शर्तें ये हैं कि कर्मी की पांच साल की एसीआर साफ-सुथरी हो, उसके खिलाफ कोई चार्जशीट न हो और न ही कोई जांच लंबित हो। कंप्यूटर का ज्ञान रखने वाले सहायकों व क्लर्क को प्राथमिकता मिलेगी। लोकायुक्त कार्यालय ने जरूरी कार्रवाई व उपयुक्त नाम भिजवाने के लिए मुख्य सचिव कार्यालय, वित्तायुक्त-अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग व सभी जिला एवं सेशन जज को पत्र की कॉपी भेजी है।
स्वत: संज्ञान व अन्य शक्तियों का इंतजार
सरकार ने लोकायुक्त को अभी तक भ्रष्टाचार के मामलों में स्वत: संज्ञान लेने व सीधे कार्रवाई करने की शक्तियां नहीं प्रदान की हैं। लोकायुक्त शिकायत आने पर जांच के बाद कार्रवाई की सिफारिश कर सकते हैं। उनकी सिफारिशों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट भी विभाग समय से नहीं भेजते हैं। शक्तियां प्रदान करने के लिए लोकायुक्त की ओर से कई बार पत्र लिखा जा चुका है। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में भी वे इसका उल्लेख करते आ रहे हैं।
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