भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-29 होशियारपुर-नवांशहर की सीमा पर शुक्रवार सुबह तकनीकी खामी के कारण 10:45 बजे खेतों में क्रैश हो गया। जैसे ही पायलट एमके पांडे को गड़बड़ी का पता चला उन्होंने समझदारी और हिम्मत दिखाते हुए विमान रिहायशी इलाकों से दूर खेतों की ओर मोड़ लिया।
आखिरकार जब विमान पर उनका नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो गया तो वे विमान से निकल पैराशूट के जरिये खेतों में उतर गए। वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया है। विमान आदमपुर एयरफोर्स बेस से एक प्रशिक्षण मिशन के तहत उड़ान पर था। यह गांव रुड़की खास और चूहड़पुर में गेहूं के खेतों पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे के बाद खेतों में आग लग गई। खेतों में काम कर रहे गांव के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और पायलट की मदद दी।
सूचना मिलने पर कुछ समय बाद आदमपुर एयरबेस का एक हेलीकॉप्टर पहुंचा और पायलट को वहां से ले गया। करीब सवा घंटे बाद एयरफोर्स की तीन सदस्यों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मिग-29 के मलबे में हुए कई छोटे-छोटे विस्फोट
दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ मिनटों बाद ही आग की लपटों से घिरे विमान के जलते हुए मलबे में कई छोटे-छोटे विस्फोट हुए। सूचना मिलने पर नवांशहर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। हादसे के कुछ देर बाद तक भी कई बार धमाके हुए, जिसके चलते फायर ब्रिगेड टीम को आग पर काबू पाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।