Military literature festival 2022
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चंडीगढ़ में मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित परिचर्चा के दौरान आईएएस आरएस कौशिक ने कहा कि अक्सर लोग पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था को दुश्मन देश मान खुश होते हैं लेकिन यह भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा है। अगर ऐसा हुआ तो बांग्लादेश की तरह से पाकिस्तान से भी पलायन आरंभ हो जाएगा जिसे रोकना भारत के लिए मुश्किल साबित होगा जिससे हालात बदतर होंगे।
परिचर्चा के दौरान पाकिस्तान की अस्थिर अर्थव्यवस्था की बात आई तो आईएएस आरके कौशिक ने कहा कि पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था भारत के लिए चिंता का विषय है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गिरने के चलते आज एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 2018 रुपये के बराबर पहुंच गई है। जिस प्रकार पाकिस्तान में हालात हो रहे हैं उससे वहां के लोगों में पलायन का खतरा बढ़ गया है।
बांग्लादेश के हालात बदतर होने के बाद वहां से करोड़ों लोगों ने भारत पलायन किया था जिसका नतीजा आज भी हम भुगत रहे हैं। इस दौरान डॉ. शालिनी चावला ने कहा कि पाकिस्तान विदेश से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है लेकिन असल में पाकिस्तान को दी गई मदद की राशि आम लोगों तक पहुंचती ही नहीं है। यह अफसरों व सियासी लोगों की जेबों में चली जाती है। पाकिस्तान की आर्थिक मदद को कोई लाभ नहीं है क्योंकि यूएन से पाकिस्तान को 30 बिलियन डॉलर की मदद मिली थी फिर भी ओसामा बिन लादेन वहीं मिला था।
पाकिस्तान के पास है उबरने का रास्ता
कर्नल पीके वासुदेव ने कहा कि वर्तमान के आर्थिक हालात सुधर सकते हैं बशर्ते वह भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन घोषित कर दे। ऐसा करने पर भारत के साथ व्यापार का रास्ता खुलेगा और पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। भारत ने पाकिस्तान को 1994 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे दिया था लेकिन पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया।