भारत ने गेहूं की पांचवीं खेप अफगानिस्तान भेजी है। अटारी-वाघा सीमा के रास्ते यह मानवीय सहायता अफगानिस्तान भेजी है। खाद्यान्न संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान को भारत ने मानवीयता के आधार पर गेहूं की पहली खेप 26 फरवरी को भेजी थी। 2,500 मीट्रिक टन गेहूं की पहली खेप 50 ट्रकों से जलालाबाद भेजी गई थी। पांचवीं खेप में भारत ने अटारी-वाघा सीमा के रास्ते 2000 मीट्रिक टन गेहूं भेजा है। भारत अब तक 10 हजार मीट्रिक टन गेहूं भेज चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया कि अफगानिस्तान को 10,000 मीट्रिक टन गेहूं की सहायता सफलतापूर्वक भेजी जा चुकी है।
बता दें कि भारत ने अफगानिस्तान को गेहूं भेजने के लिए पाकिस्तान से ट्रांजिट सुविधा का अनुरोध किया था। भारत ने पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान को प्रस्ताव भेजा था। पाकिस्तान की अनुमति के बाद यह मानवीय सहायता भेजी जा रही है।
सरकार की इस पहल की सराहना
भारत विश्व खाद्य कार्यक्रम के अंतर्गत अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की मानवीय सहायता करेगा। इसी के अंतर्गत यह सहायता भेजी जा रही है। भारत में विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के निदेशक बिशो परजुली ने कहा कि दुनिया भर में भारत सरकार की इस मानवीय सहायता की सराहना की जा रही है। डब्ल्यूएफपी ने पहले ही लगभग 70 लाख अफगानों की मदद की है और अनुमान है कि आधी अफगान आबादी को खाद्य सहायता की आवश्यकता है।