भारतीय जेलों से रिहाई के बाद अटारी सीमा से वतन लौटने वाले कैदियों में मोहम्मद हनीफ, वक्कास, लाइस, गुलाम मोहम्मद, रमजान, मोहम्मद तारिक, मोहम्मद अली, मोहम्मद हमूज और अहमद जबकि मछुआरों में रोशन अली, फतेह मतर, शाहिद हुसैन, मोहम्मद रमजान, मुश्ताक और अब्दुल आमीन शामिल थे।
गुजरात में पकड़े गए पाक बंदियों को साढ़े पांच साल की सजा हुई जबकि नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होने वाले मोहम्मद हनीफ की रिहाई छह साल की सजा काटने के बाद संभव हुई। जेसीपी अटारी पर तैनात प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण माहल ने बताया कि पाक कैदियों को कस्टम और इमिग्रेशन चेक के बाद अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया।
इससे पहले भारत ने 19 मई 2023 को 22 पाकिस्तानी कैदियों को उनकी सजा पूरी होने के बाद रिहा किया था। इनमें से 12 को गुजरात की जेल से और 10 कैदियों को अमृतसर की जेल से रिहाई किया गया था।