अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजते भारतीय अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गुरुवार को 19 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक नयन सिकंदर को भारत-पाक सीमा अटारी जीरो लाइन पर पाक रेंजर्स के सुपुर्द किया। उसे सात माह की कैद की सजा पूरी होने के बाद रिहाई मिली। एसएसपी (ग्रामीण) सतिंदर सिंह की हिदायतों पर सुरक्षा के बीच नयन सिकंदर को अमृतसर की केंद्रीय जेल से अटारी सीमा पर लाया गया। जहां इमीग्रेशन और कस्टम जांच के बाद बीएसएफ के अधिकारियों ने नयन सिकंदर को पाक रेंजर्स को सौंप दिया।
पाकिस्तान के गुजरात की तहसील फलिया जिला मंडी बहावलदीन के गांव जंडू कलां निवासी नयन सिकंदर पुत्र जफर इकबाल साल 2021 में पाकिस्तानी सीमा पार करने के बाद रमदास इलाके में पहुंच गया था। जहां बीएसएफ जवानों ने उसे काबू करने के बाद रमदास थाने की पुलिस के हवाले कर दिया। नयन सिकंदर के खिलाफ रमदास थाना में पर्चा दर्ज किया गया और उसे अजनाला की अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने फताहपुर स्थित केंद्रीय जेल में बंद कर दिया था।
सीमा पार करने से पहले नयन सिकंदर ने बताया कि उसके पिता जफर इकबाल डॉक्टर हैं और भारत में आने से पहले वह 10वीं कक्षा का विद्यार्थी था। वह पढ़ाई में कमजोर था और इसी परेशानी के चलते वह पाकिस्तान से सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गया था। आरोपी पाकिस्तानी नागरिक का अजनाला की अदालत में केस चला, जहां उसे सात माह की कैद की सजा सुनाई गई।