पंजाब में सरकारी बसों में महिलाओं का सफर मुफ्त है। मगर अक्सर बस के चालक और परिचालक से भिड़ भी जाते हैं। अब विवाद का नया मामला बरनाला जिले के कस्बा भदौड़ में सामने आया। जहां पीआरटीसी की बस में एक महिला ने टिकट को लेकर हंगामा कर दिया और परेशान ड्राइवर यात्रियों से भरी बस लेकर भदौड़ थाने पहुंच गया। इसके बाद महिला ने चालक और परिचालक से माफी मांगी और 30 की टिकट उसे तीन हजार रुपये में पड़ गई।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे पीआरटीसी की बस फरीदकोट से बरनाला जा रही थी। रास्ते में भगता भाई गांव से एक महिला महेंदरपाल कौर बस में चढ़ी। फोन पर बात करने की वजह से टिकट लेना भूल गई। जब बस सलाबतपुरा पहुंची तो परिचालक ने महिला से टिकट के बारे में पूछा लेकिन महिला फोन पर बात करने में व्यस्त थी। महिला ने स्वीकार किया कि उसने आधार कार्ड दिखाकर कंडक्टर से टिकट नहीं लिया। इस पर कंडक्टर ने महिला से कहा कि अगर चेकर बस में चढ़ता तो उस पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता जबकि उसे मुफ्त बस की सुविधा मुफ्त दी जाती है। इसके बाद महिला परिचालक के साथ बहस करने लगी। बस में सवार अन्य यात्रियों ने उसे रोका तो उक्त महिला यात्रियों से भी गाली गलौज करने लगी।
बस कंडक्टर ने बताया कि महिला ने उन्हें भदौड़ में जाकर मारपीट करवाने की धमकी दी। इसके बाद चालक ने यात्रियों से भरी बस पुलिस थाना भदौड़ के आगे खड़ी कर दी और पुलिस से महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस से बचने के लिए महिला बस से उतरकर भागने लगी तो उसे थाने की महिला पुलिस कर्मचारियों ने पकड़ लिया।
परिचालक ने कहा कि महिला के हंगामे की वजह से उनकी बस का बरनाला से रूट मिस हो गया है। इस कारण उनका करीब पांच हजार रुपये का नुकसान हो गया है, जिसकी भरपाई महिला से करवाने की मांग है। भदौड़ थाने के पुलिस अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि महेंदरपाल कौर नाम की महिला ने पीआरटीसी बस में टिकट के नाम पर हंगामा किया। इसकी शिकायत बस के परिचालक ने दी।
महिला ने चालक और परिचालक से बाद में माफी मांग ली। वहीं बरनाला तक पीआरटीसी की बस को हुए नुकसान पर तीन हजार रुपये भी दिए। बस वापस फरीदकोट चली गई और परिचालक ने हर्जाना डिपो में जमा कर दिया। बता दें कि भगता भाई से भदौड़ का किराया 30 रुपये है और इसके बदले महिला को 3000 रुपये भरने पड़े।