फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाने के दोषी कांस्टेबल को अदालत ने तीन साल कैद की सजा सुनाई है। जानकारी के मुताबिक सोनीपत निवासी कांस्टेबल सुरिंदर कुमार (22) ने पुलिस में नौकरी पाने के लिए विभाग में दसवीं व बारहवीं के फर्जी सर्टिफिकेट जमा करवाए थे।
सुरिंदर ने दोनों सर्टिफिकेट भोपाल ओपन स्कूल के दिए थे। शक होने पर विभाग ने जब जांच की तो पाया कि भोपाल ओपन स्कूल की तरफ से कांस्टेबल को कोई सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किए गए थे।
मामले सामने आने के बाद सुरिंदर के खिलाफ 2011 में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार को ट्रायल पूरा होने के बाद कोर्ट ने दोषी को तीन साल कैद की सजा सुनाई।