विभिन्न सुधार ट्रस्टों की ओर से एलडीपी श्रेणी के तहत भूखंडों को आवंटित करने के प्रस्तावों को चंडीगढ़ में स्थानीय सरकार के मुख्यालय को अनुमोदन के लिए भेजा जाता है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान स्थानीय सरकारी विभाग के स्तर पर गठित एक समिति बहुत प्रगति करने में विफल रही लेकिन परिवर्तन के साथ ही आप सरकार ने अब मामलों को खोल दिया है, क्योंकि इसमें राजनीतिक रूप से जुड़े लोग शामिल हैं।
वाहनों और ई गजेट्स खरीद में छह करोड़ का दुरुपयोग
जांच में वाहनों की खरीद और इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स के लिए छह करोड़ रुपये से अधिक के विकास कोष का दुरुपयोग भी जांच के दायरे में है। स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर से मंजूरी लेने के बाद मामले को विजिलेंस ब्यूरो को भेजने का निर्णय लिया गया। इस साल अप्रैल में स्थानीय सरकार ने 120 से अधिक लापता फाइलें दर्ज कीं हैं। ये सभी फाइलें एलडीपी श्रेणी के भूखंडों के आवंटन से संबंधित हैं, इसके अलावा गैर-निर्माण शुल्क और जालंधर एमसी कर्मचारियों को दिए गए अग्रिम से संबंधित हैं।
सिद्धू के समय भी उठा था मुद्दा
यह मुद्दा पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के कार्यकाल के दौरान उठा। उन्होंने 2018 में अमृतसर और लुधियाना में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थानीय रूप से विस्थापित व्यक्तियों की श्रेणी के तहत 133 भूखंडों के आवंटन का रिकॉर्ड तलब किया था। उन्होंने इंगित किया था कि भूखंडों को नाममात्र दरों पर आवंटित किया गया था लेकिन बाद में इन्हें बाजार दर पर दूसरों को बेच दिया गया, जिससे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को करोड़ों का वित्तीय नुकसान हुआ।