यूनिवर्सिटी व डिग्री कॉलेजों के पास ऑनलाइन पढ़ाई का अनुुुभव नहीं है। ऐसे में इग्नू इन विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की ऑनलाइन पढ़ाई की रफ्तार बढ़वा सकता है। इग्नू के विशेषज्ञ आ रही बाधाओं को दूर कर सकते हैं। साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई के दायरे में अधिक से अधिक विद्यार्थी आ सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि यूजीसी की ओर से इग्नू को ऑनलाइन पढ़ाई को देखने के लिए कहा है। इसके संचालन से लेकर आने वाली बाधाओं आदि को दूर करने, प्रभावी शिक्षण कार्य करने, हर विद्यार्थी को ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ मिलने आदि को देखने के लिए कहा गया है। इग्नू के उच्चाधिकारी इस कार्य में लगे हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई एक मई के बाद रफ्तार पकड़ने लगेगी। इसकी पकड़ से बाहर वाले विद्यार्थियों को भी इसके दायेर में लाया जाएगा। मालूम हो कि पीयू के शिक्षकों की ओर से भी ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है लेकिन इसका लाभ सभी विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। यही समस्याएं अन्य कॉलेजों के शिक्षकों के सामने आ रही हैं।
माना जा रहा है कि इन समस्याओं को ध्यान में रखकर ही यूजीसी की ओर से इग्नू का अनुभव लिए जाने की बात सामने आई है। इग्नू के विशेषज्ञों के पास ऑनलाइन पढ़ाई का अनुभव है। वहीं पीयू के यूसोल के शिक्षकों के पास भी ऑनलाइन पढ़ाई का बेहतर ज्ञान है।