यूनिवर्सिटी व डिग्री कॉलेजों में हर साल जुलाई में होने वाले कार्य इस बार सितंबर माह में होते नजर आएंगे। जुलाई में नए शैक्षिक सत्र की तैयारियां व एडमिशन होते हैं। माना जा रहा है कि नया शैक्षिक सत्र सितंबर में शुरू होगा। यूजीसी की ओर से बनाई गई कमेटी इस पर विचार कर रही है। जल्द ही इस पर निर्णय भी फाइनल हो जाएगा। सितंबर में यदि एडमिशन होंगे तो अक्तूबर से विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू होगी। साथ ही अगले शैक्षिक सत्र के दिन भी घटाए जा सकते हैं।
लॉकडाउन के चलते ये रहेगी प्लानिंग
कोविड 2019 के कारण लॉकडाउन लंबा चल सकता है। यदि खुला भी तो यूनिवर्सिटी व डिग्री कॉलेज जल्द नहीं खुलेंगे। अभी विश्वविद्यालयों के पास विद्यार्थियों के एग्जाम कराने से लेकर उनके रिजल्ट जारी करने को महत्वपूर्ण काम बचा है। इससे पहले कोर्स पूरा करवाया जाएगा। इस कार्य में दो से तीन सप्ताह तक लग सकते हैं। साथ ही प्रायोगिक परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। मई में लॉकडाउन पूरी तरह खुलता नहीं दिख रहा है।
ऐसे में जून माह में प्रक्रिया इसकी शुरू होगी तो इसी माह में कोर्स पूरा करवाया जाएगा और विद्यार्थियों के एग्जाम शुरू करवाए जाएंगे। जुलाई में विद्यार्थियों को रिजल्ट मिलना शुरू होंगे जो 15 अगस्त तक परिणाम आ सकते हैं। अगस्त में ही अगले शैक्षिक सत्र की तैयारी शुरू होगी। सूत्रों का कहना है कि एडमिशन के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। जो सितंबर तक चलेंगे। सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्तूबर में पढ़ाई नए सत्र की शुरू होने की उम्मीद है।
रास्ता निकालने के लिए यूजीसी ने की दो बैठकें
यूजीसी यही प्लान तैयार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यूजीसी ने जो कमेटी बनाई है वह गंभीरता से सभी बातों को साथ रखकर चल रही है। इस कमेटी की दो बैठकें हो गई हैं। अब फाइनल निर्णय लिया जाना बाकी है। सबसे बड़ी अनिश्चितता लॉकडाउन की है। कब पूरी तरह खुलेगा। सूत्रों का कहना है कि पंजाब विश्वविद्यालय भी इसी के अनुरूप अपनी तैयारियां कर रहा है।
हर तरीके के प्लान तैयार किए जा रहे हैं। जैसे ही लॉकडाउन खुलेगा तो पीयू अपनी प्लानिंग को धरातल पर उतारना शुरू कर देगा। सबसे बड़ी बाधा कक्षाएं लगाने की आएगी, क्योंकि समूह में विद्यार्थी कक्षाओं में रहेंगे। ऐसे में खतरा भी बना रहेगा। पीयू को इसके लिए भी रास्ता निकालना होगा।