केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा से उत्तराखंड काडर में ट्रांसफर किए गए आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी जहां अपने बदले हुए काडर के लिए तैयारी में जुटे हैं वहीं हरियाणा सरकार भी उनसे जुड़े मामलों को शांतिपूर्ण तरीके से रफादफा करने के मूड में आ गई है।
अब तक केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) में संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर टालमटोल करती रही प्रदेश सरकार ने अब कैट में अपना जवाब दाखिल करने से पहले ही संजीव चतुर्वेदी को हायर स्केल पर प्रमोशन दे दिया है।
हरियाणा में वन विभाग में कार्यरत रहते हुए बड़े घोटालों का पर्दाफाश और उनमें राजनीतिज्ञों की संलिप्तता उजागर करने वाले आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने कैट में केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ काफी पहले एक याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि जानबूझकर उनका नाम डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की दो बैठकों के दौरान कंसीडर ही नहीं किया गया।
डीपीसी की यह दोनों मीटिंग गत जनवरी और जून माह के दौरान हुई थीं। कैट ने संजीव चतुर्वेदी की इस याचिका पर केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किए थे। सोमवार को कैट में मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बैंच को सूचना दी कि संजीव चतुर्वेदी का प्रमोशन दे दिया गया है।
सरकार ने जानकारी दी कि हरियाणा वन विभाग के प्रमुख सचिव अमित झा की तरफ से इस संबंध में जारी आदेशों के अनुसार चतुर्वेदी को पे-बैंड 4 (37400-67000 प्लस ग्रेड पे 8700) का सिलेक्शन ग्रेड दे दिया गया है और यह आदेश इस साल एक जनवरी से लागू माना जाएगा।