हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए राज्य में पार्टी के बागी नेताओं के अलावा कुछ अधिकारी भी मुसीबत उत्पन्न करने में जुटे हुए हैं। बागी तेवरों के मामले में राज्य के दूसरे खेमका माने जाने वाले आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी ने शनिवार दोपहर गुपचुप तरीके से हरियाणा विधानसभा चुनाव प्रभारी और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की है।
इस दौरान कासनी ने राज्य सरकार के कई मामलों से संबधित काला चिट्ठा भाजपा नेता को सौंपा। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा कासनी से मिली जानकारी को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। कासनी चर्चा में तब आए जब हुड्डा ने रविवार को पांच आयोगों के अध्यक्षों की नियुक्ति की थी।
कासनी ने तब इन नियुक्तियों को असंवैधानिक घोषित कर मामले को अपाइंटिंग अथॉरिटी राज्यपाल के ध्यान में लाने की सिफारिश की थी। इस मामले के अतिरिक्त हुड्डा और कासनी कई प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी आमने सामने आ चुके हैं।
पहले भी की थी गुपचुप मुलाकात
इससे पहले राज्य के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव और वर्तमान मुख्य सचिव शकुंतला जाखू के पति रमिंदर जाखू ने भी विजयवर्गीय से गुपचुप मुलाकात कर राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा किया था। इस मुलाकात के बाद इनेलो ने चुनाव आयोग से शंकुतला जाखू को मुख्य सचिव पद से हटाने की मांग भी की है।
जाखू ने शनिवार को विधिवत भाजपा का दामन भी थाम लिया। हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान वर्तमान और पूर्व नौकरशाहों का राज्य सरकार से बगावत का सिलसिला जारी है। इस क्रम में राज्य के चर्चित आईएएस अधिकारी कासनी ने विजयवर्गीय से मुलाकात की है।
जाखू और डेरा सच्चा सौदा के मुखिया संत राम रहीम से मुलाकात में अहम भूमिका निभाने वाले पंजाब के उद्योग मंत्री के करीबी संजय गर्ग ने ही यह अहम मुलाकात कराई है। सूत्रों ने बताया कि करीब एक घंटे की इस मुलाकात के दौरान कासनी ने विजयवर्गीय को राज्य सरकार की कई अनियमितताओं के बारे में न केवल जानकारी दी, बल्कि अहम दस्तावेज भी मुहैया कराए।
विजयवर्गीय ने औपचारिक करार बताया
विजयवर्गीय ने मुलाकात की पुष्टि की है, मगर इसे महज औपचारिक करार दिया। जबकि कासनी ने कई बार संपर्क करने पर भी फोन नहीं उठाया। विजयवर्गीय ने कासनी को अपना पूर्व परिचित बताते हुए कहा कि यह संयोग से हुई मुलाकात थी।
अमर उजाला के पास इस मुलाकात के दस्तावेज और सबूत हैं। कासनी और विजयवर्गीय की मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।
दरअसल कासनी भी बागी तेवरों के कारण चर्चा में रहे आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की तरह ही राज्य सरकार से टकराव के मामले में लगातार चर्चा में रहे हैं।
हाल ही में उनका राज्य सरकार से तब टकराव हुआ जब हुड्डा ने नए राज्यपालों की नियुक्ति से ठीक एक दिन पहले रविवार को पांच आयोगों के अध्यक्षों की नियुक्ति की।