चंडीगढ़ प्रशासक के नए सलाहकार आईएएस धर्मपाल ने बुधवार को शहर पहुंचकर पद संभाल लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड को लेकर बैठक की और सभी टीकाकरण केंद्रों और शहर में कोरोना स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह टीकाकरण अभियान में तेजी लाएं और शनिवार व रविवार को भी सभी टीकाकरण केंद्रों को खोला जाए।
यूटी प्रशासक के नवनियुक्त सलाहकार धर्मपाल का पहला का दिन विभिन्न अधिकारियों से मिलने व चंडीगढ़ को समझने में निकल गया। सबसे पहले सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस में सुबह गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, वित्त सचिव विजय नामदेव राव जड़े समेत सभी अधिकारी पहुंचे और उन्हें वहां पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय के पहले तल पर स्थित अपने दफ्तर पहुंचकर आईएएस धर्मपाल ने पदभार संभाल लिया।
यहां वह प्रशासन के सभी विभागों के सचिवों से मिले। उसके बाद सुबह 11.45 बजे वह पंजाब राजभवन पहुंचे, जहां प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। राजभवन में भी नए सलाहकार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
दोपहर तीन बजे के बाद प्रशासक के सलाहकार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई। इसमें कोरोना को लेकर बुलाई गई बैठक खास रही। आईएएस धर्मपाल ने स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग से शहर में कोरोना की वास्तविक स्थिति और टीकाकरण अभियान की जानकारी ली। सलाहकार ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि कि शनिवार और रविवार को भी शहर के सभी टीकाकरण केंद्र खोले जाएं, ताकि शहर के सभी लोगों को जल्द से जल्द टीका लगाया जा सके।
मनोज परिदा से भी मिले आईएएस धर्मपाल, 40 मिनट तक की बातचीत
आईएएस धर्मपाल प्रशासन के पूर्व सलाहकार मनोज परिदा से भी मिले। दोनों के बीच करीब 40 मिनट बातचीत हुई। आईएएस धर्मपाल ने बताया कि परिदा ने उन्हें शहर के कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में जानकारी दी और अपने अनुभव भी बताए। धर्मपाल ने कहा कि अभी उनका ध्यान टीकाकरण अभियान को तेज करने पर रहेगा, क्योंकि वायरस के कई वैरिएंट आ रहे हैं।
इन सभी का इलाज टीका ही है। वह आने वाले दिनों में भी कई बैठकें लेंगे और टीकाकरण के तेज करने के अन्य पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। बिजली विभाग के निजीकरण, यूटी इंप्लाइज, ट्रिब्यून फ्लाईओवर, आगामी नगर निगम चुनाव समेत कई मुद्दों की धर्मपाल को जानकारी दी गई है। हालांकि इन सब पर उन्होंने कहा कि अभी वह मामलों को अच्छे से समझेंगे। इसके बाद ही कुछ फैसला लेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि वह रुके हुए प्रोजेक्ट को पूरा करने की कोशिश करेंगे।