चंडीगढ़। आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड से पिछले करीब एक साल से शहर में ठगी का खेल चल रहा है। साइबर पुलिस ने दिल्ली से दो जालसाजों को गिरफ्तार कर 8 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि जालसाज आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड का डाटा खरीदकर ठगी करते थे। वहीं, डाटा बेचने वाले को नए पुराने डाटा के हिसाब से रकम चुकाई जाती थी। साइबर पुलिस डाटा बेचने वाले के करीब पहुंच चुकी है, जल्द ही गिरफ्तारी कर कई केसों को सुलझाया जा सकता है।
साइबर पुलिस ने 16 जून को न्यू दिल्ली के मोहन गार्डन निवासी आशीष और द्वारका उत्तम नगर निवासी निखिल को गिरफ्तार किया था। साइबर पुलिस के मुताबिक आरोपी निखिल के व्हाट्सएप पर आरबीएल बैंक क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई सारे लिंक मिले हैं। इस लिंक में क्रेडिट कार्ड रखने वाले सैकड़ों ग्राहकों का पूरा डाटा मौजूद है। निखिल इस डाटा को लाकर आशीष को मुहैया करवाता था। इसके बाद कार्ड का चुनाव कर क्रेडिट कार्ड के ग्राहकों को फोन किया करता था। वह ग्राहकों को खुद को आरबीएल बैंक का अधिकारी बताकर उन्हें अपने झांसे में लेकर ओटीपी पूछ लेता था। इसके बाद आरोपी उस ग्राहक का पैसा दूसरे साथी के खाते में ट्रांसफर कर लेता था। बाद में ठगी के पैसों को आपस में बांट लिया करते थे। पकड़े गए दोनों जालसाज को साइबर पुलिस 25 जून को जिला अदालत में पेश करेगी।
पेमेंट गेटवे पर करते थे पैसा ट्रांसफर
जालसाजों ने अपनी आईडी पेमेंट गेटवे पर बना रखी थी। अगर कोई क्रेडिट कार्ड का ग्राहक इनके झांसे में फंस जाता था तो, ठगी के सारे पैसे पेमेंट गेटवे पर आया करते थे। इसके बाद जालसाज इन पैसों को अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया करते थे। इनमें कॉलर, डाटा मुहैया करवाने वाले और गेटवे आईडी वाले को अलग अलग हिस्सेदारी मिलती थी। मामले में अन्य आरोपी फरार हैं। साइबर पुलिस इनकी धरपकड़ के लिए दिल्ली समेत अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही है।
क्रेडिट कार्ड से ठगी का गिरोह सक्रिय
पिछले करीब दो महीने से साइबर पुलिस को 150 से ज्यादा क्रेडिट कार्ड से ठगी की शिकायतें मिली हैं। यह तो सिर्फ वह मामला है, जो साइबर सेल के पास शिकायतें पहुंचती हैं, जबकि ऐसे न जाने कितने केस हैं, जिनमें पुलिस के झमेले से बचने के लिए शिकायत दी ही नहीं जाती। साइबर पुलिस का कहना है कि सबसे ज्यादा आरबीएल बैैंक के क्रेडिट से धोखाधड़ी की शिकायतें मिली हैं। जल्द ही क्रेडिट कार्ड से ठगी करने वाले सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
नए क्रेडिट कार्ड से ज्यादा धोखाधड़ी
आंकड़ों के मुताबिक, ज्यादातर ऐसी शिकायतें आई हैं, जिनका नया क्रेडिट कार्ड बना है। कई शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने एक भी बार कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है। उनका मासिक शुल्क कटता रहता है। आरोपी उनके मोबाइल पर फोन कर इस समस्या को दूर करने के लिए अपने झांसे में लेकर उन्हें ठगी का शिकार बना लेते हैं।
किसी को न दें अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी
साइबर पुलिस का कहना है कि क्रेडिट कार्ड रखने वाले लोग अगर कुछ बातों को ध्यान में रखें तो क्रेडिट कार्ड से होने वाली ठगी को बचाया जा सकता है।
1. फोन पर अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी देने से बचें।
2. क्रेडिट कार्ड से संबंधित दिक्कत आने पर उनकी ऑफिशियल वेबसाइट या फिर बैंक से संपर्क करें।
3. इंटरनेट से बैंक का नंबर ऑफिशियल वेबसाइट से ही लें।
4. अगर फोन पर कोई खुद को बैंक अधिकारी बता रहा है तो, क्रॉस चेक जरूर करें।
5. क्रेडिट कार्ड का नंबर, ओटीपी, मैसेज में आने वाला कोई भी कोड न बताएं।
6. ठगी होने पर फौरन मामले की सूचना साइबर पुलिस को दें।