भाकियू, चढूनी हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब शिकायत ही वापस हो गई तो अग्रवाल आयोग की रिपोर्ट का कोई औचित्य नहीं रह जाता। सरकार के साथ हुए समझौते में केस के साथ शिकायतें वापस लेने पर सहमति बनी थी। सरकार ने किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की है। उम्मीद है, अन्य मांगें भी जल्द पूरी होंगी।
दोनों ही पक्ष नहीं चाहते किसी का नुकसान
सरकार और किसानों के बीच हुए समझौते में यह बात सामने आई है कि दोनों ही पक्ष किसी का नुकसान नहीं चाहते। आयुष सिन्हा युवा आईएएस अधिकारी हैं। उनका लंबा प्रशासनिक जीवन सामने है। उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई हो, किसान इस पक्ष में नहीं थे। सरकार भी नहीं चाहती थी कि प्रकरण को लेकर किसानों के खिलाफ कोई बात जाए। इसलिए दोनों पक्षों के बीच केस वापसी व शिकायत वापस लेने का आधार तैयार हुआ। इसलिए अब अग्रवाल आयोग ठंडे बस्ते में ही रहेगी।
कब-क्या हुआ
- 28 अगस्त 2021 को बसताड़ा टोल प्लाजा प्रकरण हुआ, आयुष का पुलिस कर्मियों को कड़े निर्देश देते वीडियो वायरल
- 1 सितंबर 2021 को आयुष का एसडीएम करनाल पद से अतिरिक्त सचिव, क्रिड में चंडीगढ़ तबादला
- 7 सितंबर से करनाल सिविल सचिवालय के बाहर आईएएस पर कार्रवाई व अन्य मांगों को लेकर किसानों का धरना
- 11 सितंबर को सरकार की तरफ से गए आईएएस देवेंद्र सिंह की मध्यस्थता के बाद विवाद निपटा
- 25 सितंबर 2021 को मामले की जांच के लिए अग्रवाल आयोग गठित, एक माह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
- 11 अक्तूबर को आयोग अस्तित्व में आया, 19 नवंबर को दो माह कार्यकाल बढ़ा, 24 दिसंबर को जांच पूरी
- बीते दिसंबर में आयुष सिन्हा को आईएएस में कंफर्म किया जा चुका