हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी डॉ. अशोक खेमका ने किसान आंदोलन के दौरान मिला गनमैन लौटा दिया है। आंदोलन खत्म होने व किसानों की घर वापसी के बाद अब उन्हें गनमैन की जरूरत नहीं हैं। खेमका को नूंह जिले का प्रभारी प्रशासनिक सचिव होने पर गनमैन मिला था। सरकार ने 8 नवंबर 2021 को ही प्रभारी प्रशासनिक सचिवों को गनमैन देने का आदेश दिया था।
एसपी नूंह ने गनमैन प्रिंस की ड्यूटी खेमका के साथ लगाई थी। खेमका ने 22 दिसंबर को एसपी नूंह को पत्र लिखकर बताया है कि गनमैन लौटा दिया है, उसे आम जनता की सुरक्षा में तैनात किया जाए। गुरुवार को प्रिंस ने एसपी कार्यालय में अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट दे दी है। सरकार के आदेश पर डीजीपी ने 22 जिलों के प्रभारी प्रशासनिक सचिवों को गनमैन की सुविधा मुहैया कराई थी। सरकार के पास ऐसे अनेक मामले पुहंचे थे, जिनमें आंदोलन के चलते अफसरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उनकी जान को खतरे के मद्देनजर सरकार ने गनमैन देने का आदेश डीजीपी को दिया था।