अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि पति के पंजाब में तैनात होने के आधार पर हरियाणा की महिला कर्मचारी को दंपती मामले के तहत मिलने वाले 10 अतिरिक्त मेरिट अंक से वंचित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने माना कि बीबीएमबी में हरियाणा कोटे पर कार्यरत कर्मचारी का मूल कैडर हरियाणा सरकार का ही रहता है। मामला फतेहाबाद की एक महिला प्रोफेसर से जुड़ा है, जिसे तबादला नीति के तहत दंपती कोटे का लाभ नहीं दिया गया था। उसके पति बीबीएमबी में हरियाणा कोटे के पद पर नंगल में तैनात हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल तैनाती का स्थान पंजाब होने से कर्मचारी का सेवा संबंध नहीं बदलता। अदालत ने हरियाणा सरकार को महिला कर्मचारी को दस अतिरिक्त मेरिट अंक देकर संशोधित मेरिट तैयार करने और तबादले के दावे पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है।