हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अलॉटियों की एनहांसमेंट आधी करने की चल रही है। सरकार ने सभी जिलों से इस विषय में दोबारा से गणना मांगी है। कोरोना के चक्कर में यह गणना पूरी नहीं हो पाई थी, जिसके बाद 30 जून की डेडलाइन दी गई है। गणना के हिसाब से एक फिक्स फॉर्मूला तैयार किया जाएगा।
इस फॉर्मूले के हिसाब से तकरीबन आधी एनहांसमेंट ही अलॉटियों के हिस्से में रह जाएगी। सरकार ने इस मामले में तीन रिटायर जजों की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने यह बताया है कि अब तक जो एनहांसमेंट लग रही थी वह एनहांसमेंट लगाने का फॉर्मूला ही गलत था।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार जो गणना की जा रही है। उसमें काफी हद तक इस बात की राहत दी जा रही है कि सेक्टर के अंदर बनी सार्वजनिक इमारतों और पार्कों की एनहांसमेंट से सेक्टरवासियों को राहत मिल सकती है।
इस बात की सिफारिश की जा रही है कि यदि सेक्टर में कोई स्कूल, पार्क, केवी स्टेशन आदि है तो उसकी एनहांसमेंट सेक्टरवासियों पर न लादी जाए। अभी तक क्या होता था कि किसानों को दिए जाने वाले अवार्ड की बढ़ी हुई रकम सरकार अलॉटियों पर लाद देती थी और अलॉटियों की कमर एनहांसमेंट भरते हुए टूट जाती थी।