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चंडीगढ़: आइसोलेशन वार्ड के लिए पंजाब विश्वविद्यालय को हैंडओवर करने होंगे हॉस्टल

Sun, 19 Apr 2020 03:57 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब विश्वविद्यालय। - फोटो : फाइल फोटो
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कोरोना के कहर ने पूरी दुनिया को जकड़ लिया है। भारत में भी यह तेजी से बढ़ रहा है। भविष्य में कितने मरीज अचानक सामने आ जाएं, इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकारें पूरा इंतजाम कर रही हैं। सबसे पहले मरीजों को भर्ती करने के लिए स्थान खोजे जा रहे हैं।

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चंडीगढ़ प्रशासन ने पीयू के हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने का प्रस्ताव भेजा था। इसी के तहत शुक्रवार को एक टीम ने पीयू के हॉस्टलों का दौरा किया। सबकुछ ठीक पाया। माना जा रहा है कि प्रशासन को एडवांस में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने होंगे तभी अफसर रात-दिन जुटे हुए हैं।

एडवांस में बुक किए चार हॉस्टल
यूटी प्रशासन ने कुछ दिन पहले पीयू से सभी हॉस्टलों का डेटा मांगा था। मरीजों की बढ़ती संख्या देखकर अधिकारियों ने पीयू के चार हॉस्टलो को आइसोलेशन वार्ड बनाने के आदेश जारी कर दिए। पीयू प्रशासन का इसकी खबर तक नहीं थी लेकिन बात हकीकत थी।
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पीयू के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। यह बात छात्र नेताओं को भी पता लगी तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। वह इसे मामले को मुद्दा बनाने में जुट गए। उन्होंने तर्क दिए कि हॉस्टलों में विद्यार्थियों का सामान रखा हुआ है। यह संक्रमित होगा। यदि सामान निकाला भी जाएगा तो सभी कमरों पर लगे ताले तोड़ने होंगे।

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पीयू के कुछ अधिकारी भी नहीं चाहते थे कि हॉस्टलों को वार्ड में बदला जाए। चारों ओर से प्रशासन के अधिकारियों पर दबाव बनाया गया। अधिकारियों ने यह बात कही कि हॉस्टलों में आज ही मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। यह केवल एडवांस में बुक किए जा रहे हैं। यदि भविष्य में अचानक मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है तो ऐसी स्थिति में उनका उपयोग होगा। यदि आज हॉस्टलों को वार्ड में न बदला गया और मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई तो उससे बड़ा नुकसान हो सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को प्रशासन के अधिकारियों की एक टीम ने पीयू के हॉस्टलों का दौरा किया। हॉस्टलों को वार्ड में बदले जाने की प्रक्रिया जल्द करने को कहा। यह भी कहा है कि कमरों में जो सामान है वह सामान प्रशासन अपनी गाड़ियों से विद्यार्थियों के घर भिजवा सकता है। या फिर किसी अन्य रूम में इनका रिकॉर्ड रखते हुए रखवाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि पीयू को हॉस्टल प्रशासन को जल्द से जल्द हैंडओवर करने होंगे ताकि प्रशासन अपनी आगे की तैयारी पूरी कर सके।

देश से बढ़कर कुछ नहीं, छात्र नेता आगे आएं
पीयू के कुछ जानकारों ने कहा कि इस समय कोरोना से पूरी दुनिया लड़ रही है। अस्पतालों की कमियां बहुत महसूस हो रही हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण दुनिया में संसाधन कम हो गए हैं। लोगों की जान बचाना जरूरी है। इसलिए प्रशासन के अधिकारी हॉस्टलों को ले रहे हैं।

अगर कोई दूसरा विकल्प होता तो हॉस्टल नहीं लिए जाते। लोगों का कहना है कि इस समय हर कोई किसी न किसी रूप में मदद कर रहा है। छात्र नेताओं को भी इसके लिए आगे आना चाहिए था। वह खुद हॉस्टल खाली करवाने में मदद करते। लोगों की जान से बढ़कर कुछ नहीं है। यदि यहां मरीज भर्ती किए भी गए तो प्रशासन यह हॉस्टल ऐसे ही पीयू को नहीं सौंप देगा। इसके लिए पूरी तरह सैनिटाइज का काम होगा। साथ ही विद्यार्थियों का सामान भी सुरक्षित रखा जाएगा। जानकारों का कहना है कि छात्र नेता वर्तमान में इस मुद्दे पर राजनीति न करें, वह कोई और मुद्दा तलाशें। इस समय देश को जरूरत है।
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