500 व 1000 के नोट बंद होने के कारण वीरवार को महानगर के एक अस्पताल में हंगामा हो गया। अस्पताल पर आरोप है कि शव देने के बदले नई करेंसी की मांग की। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने आरोप को गलत बताया और कहा शव देने से मना नहीं किया गया है।
मामले के अनुसार महानगर के पटेल अस्पताल में किडनी पीड़ित एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने शव लेने के लिए जब अस्पताल का हिसाब करना चाहा हो डॉक्टरों ने पुराने 500 व 1000 के नोट लेने से इंकार कर दिया। इस बात को लेकर मृतक के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। मृतक के भाई हरमिदर सिंह ने कहा कि उसका भाई मोहनजीत सिंह किडनी की बीमारी से पीड़ित था। उसे इलाज के लिए पटेल अस्पताल दाखिल करवाया गया था।
इलाज के दौरान वीरवार को भाई की मृत्यु हो गई। हमने जब शव को लेने की बात कही तो अस्पताल वालों ने बिल देने के लिए कहा। जब हमने अस्पताल वालों को 500 व 1000 के पुराने नोट देने चाहे तो उन्होंने पुराने नोट लेने से साफ इंकार कर दिया। साथ ही मौत का सर्टिफिकेट देने से भी मना कर दिया। इस बारे में स्टाफ इंचार्ज राजेश ने कहा कि शव देने से मना नहीं किया गया है। मृतक के परिजनों को मात्र इतना कहा गया था कि आप कुछ दिन बाद नोट को बदलकर सर्टिफिकेट ले लेना। इस पर मृतक के परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया।