हरियाणा में अलग सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एडॅहाक) को लेकर पंजाब के नेताओं के आरोप- प्रत्यारोप के बीच हरियाणा सरकार ने चुप्पी साध ली है। वित्त मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा स्पष्ट कर चुके हैं कि हरियाणा के गुरुघरों में सरकार के नुमाइंदे जबरन प्रवेश नहीं करेंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बयानों पर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने साफ किया है कि यह मुद्दा हरियाणा के सिखों से जुड़ा है।
सभी दलों को चाहिए कि इस पर कोई राजनीति न करें। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहले भी स्पष्ट कर चुका हूं कि हरियाणा के सिखों के हितों की परवाह हमेशा कांग्रेस ने की है। कोई क्या कहता है इस बात से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किए वादे को निभाया है। हरियाणा के सिखों को गुरुघरों की सेवा का अधिकार दिया है।’’ अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘‘मैं सिर्फ इतना कहता हूं कि हरियाणा के सिखों की वर्षों पुरानी मांग को कांग्रेस ने पूरा किया है।
सभी दलों को अपने निजी स्वार्थों को छोड़ हरियाणा के सिखों का साथ देना चाहिए।’’ उधर, हरियाणा के संसदीय कार्यमंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी स्पष्ट किया है कि पंजाब को अब इस मामले में दखल देना बंद कर देना चाहिए।