हरियाणा सरकार ने एक बार फिर अतिथि अध्यापकों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। राज्य में साढ़े तेरह हजार अतिथि अध्यापक हैं। अलग-अलग श्रेणियों में 2860 रुपये से लेकर 3960 रुपये तक की बढ़ोतरी एक जुलाई 2021 से लागू होगी। शिक्षा विभाग के एसीएस ने इसके लिए पत्र जारी किया है। हालांकि, अतिथि अध्यापक संघ ने इसे नाकाफी बताते हुए नाराजगी जताई है।
एसीएस के पत्र के अनुसार, अब पीजीटी अतिथि अध्यापकों को 38880 के स्थान पर 42840, टीजीटी को 320400 की जगह 35700 और जेबीटी, पीआरटी अध्यापकों को 28080 के स्थान पर 30940 रुपये मिलेंगे। गौरतलब है कि एक जनवरी 2019 को अतिथि अध्यापकों का जेबीटी, टीजीटी और पीजीटी का मानदेय क्रमश: 26 हजार, 30 हजार और 36 हजार था। अतिथि अध्यापक पिछले काफी समय से मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। सरकार की तरफ से मिले आश्वासन के बाद वे माने थे।
वहीं, समस्त अतिथि अध्यापक संघ की राज्य प्रधान मैना यादव ने कहा कि एक्ट के समय वेतन को बेसिक सैलरी मान कर वेतन बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उस समय के वेतन को बेसिक माना गया तो इसमें डीए के बराबर पूरा मानदेय क्यों नहीं दिया गया। रेगुलर से 9 प्रतिशत कम क्यों दिया गया है, जबकि एक्ट का पैरा नंबर 4 रेगुलर अध्यापक के डीए के बराबर मानदेय की कहता है। इस पत्र में जुलाई से हुई बढ़ोतरी नहीं दिखाई गई है। इसके अलावा, पत्र में यह भी नहीं कहा गया कि आगे से जैसे-जैसे नियमित अध्यापक की बढ़ोतरी होगी, अतिथि अध्यापकों की भी होती रहेगी। इस बारे में निदेशक जे गणेशन और शिक्षा मंत्री से मिलकर आपत्ति जताई जाएगी।