उन्होंने मजबूत केस तैयार किया और इस संबंध में निजी तौर पर कई बार हांगकांग के न्याय विभाग का दौरा किया। उन्होंने रोमी की तरफ से पंजाब पुलिस पर लगाए अत्याचार और यातनाओं के आरोपों का खंडन किया और इसके खिलाफ सबूत इकट्ठे कर पेश किए।
भारत-हांगकांग के बीच है प्रत्यर्पण संधि
पंजाब पुलिस ने भारत सरकार और हांगकांग की सरकार के बीच 28 जून, 1997 को हुई द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के आर्टिकल 10 के तहत रोमी की अस्थायी गिरफ्तारी के लिए आग्रह किया था। इसमें रोमी के आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने, डकैती, कत्ल, उगाही, नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की सप्लाई जैसे अपराधों में शामिल होने का हवाला भी दिया गया था।
पंजाब पुलिस ने कहा- जरूरी है रोमी का प्रत्यर्पण
रोमी के प्रत्यर्पण को बेहद जरूरी बताते हुए पंजाब पुलिस का कहना है कि नाभा जेल ब्रेक की जांच और मिंटू समेत गिरफ्तार अन्य अपराधियों से पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता रोमी ही है। उसने जेल पर हमले के लिए तालमेल कायम किया और जेल से भागने के बाद अपराधियों को वित्तीय और अन्य सहायता मुहैया करवाई।