पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के दो सिक्योरिटी गार्ड ईमानदार की मिसाल बन गए हैं।
लॉ ऑडिटोरियम और ब्लॉक 3-4 के सामने तैनात सिक्योरिटी गार्ड विरेंद्र कुमार मौर्या और मनजीत सिंह ने विद्यार्थियों, प्रोफेसरों और अन्य लोगों की गाड़ियों में रखा सामान, कैश, मोबाइल, लैपटॉप आदि उनके मालिकों को लौटाए।
पीयू के सिक्योरिटी सेल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार साल भर में ड्यूटी पर तैनात दोनों सिक्योरिटी गार्ड ने 1.50 लाख से अधिक का कैश उनके मालिकों को लौटाया है।
सिक्योरिटी अफसर दोनों कर्मचारियों का नाम 26 जनवरी 2014 पर विशेष तौर पर सम्मानित करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को भेजेंगे।
गार्ड विरेंद्र और मनजीत ने साल भर में 700 से अधिक गाड़ियों और टू व्हीलर को चाबी के साथ खुला पाया।
उन्हें कार, एक्टिवा और अन्य टू व्हीकल में 50 से अधिक महंगे मोबाइल मिले। उन्होंने सभी मोबाइल उनके मालिकों को लौटा दिए।
पीयू ने दोनों को सम्मानित किया
पीयू प्रशासन ने 2010 से कांट्रैक्ट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड विरेंद्र कुमार और आर्मी से रिटायर्ड एक्स सर्विसमैन मनजीत सिंह को उनकी ईमानदारी और अनुशासन के साथ ड्यूटी देने पर 15 अगस्त 2013 पर 1100 रुपये कैश अवार्ड, प्रशंसा पत्र और ट्राफी के साथ सम्मानित किया गया।
बेहतर सेवाओं के बावजूद इन कर्मचारियों को रेगलर करने के लिए पीयू ने कोई कदम नहीं उठाया।
पीयू के चीफ सिक्योरटी ऑफिसर प्रो.अनिल मोंगा सिक्योरिटी गार्ड विरेंद्र और मनजीत पर हमें फख्र है।
हर साल पीयू के सभी सिक्योरिटी गार्ड की प्रफॉर्मेंस का रिव्यू होता है। इस बार भी बेहतर काम करने वालों के नाम गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करने के लिए भेजे जाएंगे।