साथ ही एसपी सुमित कुमार को भी गृहमंत्री के आने सूचना दी गई तो वह भी थाने पहुंचे। एसपी और एसएचओ के पहुंचते ही विज ने शनिवार को दर्ज मुकदमों की फाइल मंगाई, जिसमें एक मुकदमा दर्ज मिला।
इसके बाद पेंडिंग केस की फाइल मंगाई और जमीन विवाद के दो केस पर पीड़ित को फोन मिलाकर पुलिस कार्रवाई के बारे में पूछा। एक केस में समझौता हो चुका था, जबकि दूसरे केस में कार्रवाई नहीं करने पर एसएचओ को फटकार लगाई।
मौके पर पहुंचने से कार्रवाई से बच गया हवलदार
गृहमंत्री ने बाद में थाने का मुआयना किया और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। लौटते वक्त पुलिसकर्मियों का हाजिरी रजिस्टर देखा, जिसमें ईएसआई राजबीर, एचसी सुरेंद्र, एचसी नरेंद्र, ईएचसी राकेश, एचसी राजेंद्र, एसपीओ राजबीर, इएसआई राजेश मौजूद मिले, वहीं हवलदार सुखेंद्र और सब इंस्पेक्टर निर्मला गैर हाजिरी मिले। सुखेंद्र मौके पर पहुंच गया, वह लघु सचिवालय में डाक लेकर गया था, उसने पर्ची भी दिखाई। इससे वह कार्रवाई से बच गया। जबकि एसआई निर्मला को सस्पेंड कर दिया। हालांकि, वह सूचना मिलते ही थाने पहुंचीं, लेकिन तब तक कार्रवाई हो चुकी थी।
गृहमंत्री पद की जिम्मेवारी संभालने के बाद मंत्री अनिल विज अब हरियाणा में अपरािधक परिदृश्य और हालातों को खंगालेंगे। पुलिस कर्मियों और अफसरों को अपनी कमर की पेटी और जूते के तस्मे कस लेने का इशारा कर चुके विज की अपराध को लेकर अगली रणनीति क्या होगी, इससे पहले गृहमंत्री प्रदेश में क्राइम के मौजूदा हालातों से रूबरू होंगे।
मंत्री देखना चाहते हैं कि वर्तमान समय में अपराध के खिलाफ पुलिस की रणनीति क्या है और इस रणनीति का क्या असर हो रहा है। इतना ही नहीं गृह मंत्री यह भी जानना चाहते हैं कि ऐसी कौन से अपराध की श्रेणियां है, जिस पर ज्यादा काम करने की जरूरत है। हालांकि हरियाणा में बढ़ता नशा अपने आप में हरियाणा पुलिस और अब नए गृह मंत्री के समक्ष बड़ी चुनौती है।
नई गठबंधन सरकार की पहले विधानसभा सत्र में भी विपक्ष के विधायकों ने इस मुद्दे को सदन में उठाकर सरकार की घेराबंदी भी की थी। लेकिन अब विज का कहना है कि इस समस्या से भी प्रदेश को मुक्त करवाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और नई रणनीति के साथ नशा और नशा तस्करों पर प्रहार होगा।
इसी के मद्देनजर गृह मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को पुलिस के आला अफसरों की पहली बैठक बुलाई है। इस बैठक में डीजीपी, एडीजीपी, डायरेक्टर एफएसएल और आईजी रैंक के अफसर मौजूद रहेंगे। डीजीपी हरियाणा मनोज यादव ने भी संबंधित आला अफसरों को इस बैठक के लिए जरूरी होमवर्क करने के निर्देश दे दिए हैं।
प्रेजेंटेशन के साथ अपराधों के हालात की जानकारी लेंगे विज
- इस बैठक में सबसे पहले सूबे के डीजीपी क्राइम प्रदेश में अपराधिक परिदृश्य को प्रेजेंटेशन के माध्यम से पेश करेंगे।
- उसके बाद एडीजीपी क्राइम अंगेस्ट वूमेन यह बताएंगे कि सूबे में महिला अपराध की स्थिति क्या है।
- फिर एडीजीपी एडमिनीस्ट्रेशन आईटी व प्रशासनिक मसलों से गृह मंत्री को अवगत करवाएंगे।
- एडीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मौजूदा हालातों के बारे में बताएंगे।
- डायरेक्टर एफएसएल पुलिस की फोरेंसिक लैब सिस्टम और कार्यप्रणाली की जानकारी देंगे।
- आईजी एम एंड डब्ल्यू गृह मंत्री के समक्ष पुलिस विभाग के बजट, कल्याणकारी योजनाओं और आधुनिकीकरण से संबंधित मुद्दों पर रिपोर्ट पेश करेंगे।
- आईजी एचपीए की निगरानी में ब्रास बैंड के साथ गृह मंत्री को सलामी भी दी जाएगी।