हरियाणा के मेवात जिले की बीफ बिरयानी में गोमांस को लेकर उपजे विवाद में नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिरयानी में गोमांस था। लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज हिसार के पब्लिक हेल्थ एंड एपिडेमियोलॉजी विभाग के प्रमुख ने सोमवार को भेजी अपनी दूसरी रिपोर्ट में बिरयानी से लिए गए मांस के नमूनों को गोवंश का बताया है।
बीते साल 24 अगस्त को गो सेवा आयोग के निर्देशों पर पुलिस और वेटरिनरी सर्जन ने फिरोजपुर झिरका के सात बिरयानी विक्रेताओं के यहां से मांस के नमूने एकत्रित किए थे। 6 सितंबर को भेजी अपनी पहली रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी ने मांस को पशुओं का बताया था, उसमें गोवंश होने का तथ्य छिपा लिया था। सोमवार को भेजी रिपोर्ट में विभाग के प्रमुख डॉ. वाई सिंह ने लिखा है कि मांस के टुकड़े गाय या बैल के हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली जांच रिपोर्ट में दी गई जानकारी उन्हें याद नहीं है। 8 मई को भेजी रिपोर्ट में गोवंश होने की पुष्टि की गई है। वे यह नहीं कह सकते कि मांस के टुकड़े गाय के थे या बैल के, लेकिन ये गोवंश केहैं। रिपोर्ट फिरोजपुर झिरका के वेटरिनरी सर्जन डॉ. अमर सिंह सोलंकी को भेज दी है। विक्रेताओं के खिलाफ आगामी कार्रवाई उन्हें ही करनी है। सैंपल बीते साल ईद के आसपास लिए गए थे।