Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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हरियाणा में पांच हजार पुरुष कांस्टेबलों की भर्ती मामले में हाईकोर्ट ने 140 याचिकाकर्ताओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में पास माना है। हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए सभी याचिकाकर्ताओं के लिए आठ जून को परीक्षा आयोजित करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पर लगाई गई रोक भी हटा दी है।
विवेक सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट की एकल बेंच में हरियाणा में पुलिस भर्ती के दौरान फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट में फेल करने को चुनौती दी थी। सिंगल बेंच के सामने याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने 19 जुलाई को विज्ञापन के जरिए 5000 पुरुष सिपाहियों को भर्ती की घोषणा की थी।
इसके लिए आए आवेदनों की छंटनी के बाद याचिकाकर्ताओं को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए बुलाया गया। इस दौरान याचिकाकर्ताओं को तय नियमों के अनुसार पांच किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने यह दूरी 20 मिनट से भी कम समय में ही पूरी कर ली।
आठ जून को परीक्षा आयोजित करने के दिए आदेश
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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याचिका में आरोप लगाया गया था कि आठ अगस्त 2016 को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट का रिजल्ट घोषित किया गया, जिसमें पास हुए उम्मीदवारों में याचिकाकर्ताओं का नाम नहीं था। याचिका में कहा गया है कि यह हैरानी की बात है कि जो उम्मीदवार दौड़ में उनसे पीछे रह गए थे, उनके नाम टेस्ट पास करने वालों की सूची में थे।
इसके जवाब में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने याचिकाकर्ता पर आरोप लगाया कि फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट में किसी भी तरह की धांधली नहीं हुई। इस आधार पर एकल बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के इन आदेशों को डिवीजन बेंच के समक्ष याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता के वकील एसएस खरब ने अपील में बेंच को बताया कि एकल बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी तथ्यों पर गौर नहीं किया।
इसलिए एकल बेंच के आदेश को रद्द किया जाए। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस मामले में प्रभावित 140 उम्मीदवारों को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट में पास मानते हुए उनकी लिखित परीक्षा आठ जून लेने का आदेश दिया। इसके साथ हाईकोर्ट ने हरियाणा में पुलिस भर्ती प्रक्रिया पर कई महीने से लगी रोक को हटाते हुए मामले का निपटारा भी कर दिया।